सूचना का अधिकार का भय दिखाकर पंचायत सचिवों से वसूली RTI एक्टिविस्ट गिरफ्तार

सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम का दुरुपयोग कर ग्राम पंचायत सचिवों को ब्लैकमेल करने और जबरन वसूली का प्रयास करने वाले एक कथित फर्जी एक्टिविस्ट को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 30 पंचायत सचिवों को बर्खास्त कराने की धमकी देकर उनसे ₹90,000 की मांग की थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है और उसकी संलिप्तता अन्य मामलों में भी जांची जा रही है।
RTI का भय दिखाकर धमकाया
यह मामला दुलदुला जनपद पंचायत क्षेत्र का है। थाना दुलदुला में ग्राम पंचायत कस्तूरा जामपानी की सचिव देवकी यादव (उम्र 45 वर्ष) ने 19.11.2025 को लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, आरोपी तरुण भारद्वाज (उम्र 22 वर्ष, निवासी अण्डा, जिला शक्ति) ने जनपद पंचायत दुलदुला के माध्यम से उन्हें एक RTI आवेदन भेजा था।
इस आवेदन में 01.02.2020 से 21.08.2025 तक 15वें वित्त के तहत हुए समस्त कार्यों से संबंधित लंबी-चौड़ी जानकारी (दस्तावेज, जांच रिपोर्ट, बिल वाउचर आदि) मांगी गई थी।
प्रति सचिव ₹3,000 की मांग
सचिव देवकी यादव ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 18.11.2025 को आरोपी तरुण भारद्वाज ने उन्हें अज्ञात नंबर से फोन किया और पूछा कि “क्या आप लोग जानकारी देना चाहते हैं, या कुछ और व्यवस्था करना चाहते हैं?”
जब सचिव ने ‘व्यवस्था’ का मतलब पूछा, तो आरोपी ने धमकाते हुए कहा कि व्यवस्था का मतलब है प्रति पंचायत सचिव ₹3,000/- देना। उसने धमकी दी कि पैसे न देने पर वह RTI के तहत जानकारी निकाल कर सभी 30 पंचायत सचिवों को बर्खास्त करवा देगा।
सचिव ने इस पूरी बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था।
जनपद परिसर से हुआ गिरफ्तार
दिनांक 19.11.2025 को तरुण भारद्वाज अपने RTI आवेदन की प्रथम अपील की सुनवाई के लिए जनपद पंचायत दुलदुला कार्यालय आया था। यहाँ मौजूद अन्य 30 पंचायत सचिवों को भी उसने फिर से धमकी दी और बर्खास्त करने व जेल भेजने की धमकी देकर सभी से कुल ₹90,000 की मांग की।
डर के कारण दो सचिवों ने तत्काल फोन पे के माध्यम से ₹500-₹500 उसके खाते में डाल भी दिए थे।
सचिव की रिपोर्ट पर थाना दुलदुला में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(2) (जबरन वसूली) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर त्वरित जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी तरुण भारद्वाज को जनपद पंचायत दुलदुला परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया।
“ब्लैकमेलिंग से पैसे कमाने का था प्लान”
पूछताछ में आरोपी तरुण भारद्वाज ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसे कहीं से जानकारी मिली थी कि RTI के माध्यम से जानकारी निकालकर ब्लैकमेलिंग करके काफी पैसा कमाया जा सकता है। यह उसका पहला प्रयास था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। मामले की कार्रवाई में थाना प्रभारी दुलदुला निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू, प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे, आरक्षक अलेक्सियूस और आनंद खलखो की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।





