आबकारी विभाग में नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाले को तीन साल की जेल, सूरजपुर न्यायालय का फैसला

सूरजपुर में धोखाधड़ी के एक मामले में माननीय न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए आरोपी को कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला आबकारी विभाग में भृत्य की नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति आदेश देने से जुड़ा है। घटना के अनुसार, वर्ष 2018 में अशोक दास नाम के व्यक्ति ने थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हेमंत महंत ने उससे एक लाख रूपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया था। जब प्रार्थी विभाग में अपनी नियुक्ति के संबंध में जानकारी लेने पहुँचा, तब उसे इस जालसाजी का पता चला।
पुलिस ने इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध पंजीबद्ध किया और आरोपी हेमंत महंत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। विवेचक निरीक्षक बसंत लाल सिंह द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर सुनवाई संपन्न हुई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती रूचि मिश्रा ने उपलब्ध तथ्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने 13 मई 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए हेमंत महंत को धारा 420 के तहत तीन वर्ष के कारावास और पांच सौ रूपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।





