एसईसीएल कर्मी की पत्नी अपहरण, 22 लाख रुपए फिरौती की मांग…


सूरजपुर पुलिस ने महिला का अपहरण कर बाईस लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस सनसनीखेज मामले का मुख्य मास्टरमाइंड प्रार्थी का पूर्व ड्राइवर रौशन देवांगन निकला, जिसने अठारह महीनों तक वहां काम किया था। उसे जानकारी थी कि प्रार्थी एसईसीएल से सेवानिवृत्त हुए हैं और उनके पास बड़ी धनराशि उपलब्ध है। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथी शेख इशू और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई थी।
वारदात के दिन जब प्रार्थी अपने वाहन की मरम्मत कराने अंबिकापुर गया था, तब आरोपियों ने घर में घुसकर महिला से पानी मांगा और फिर उसे जबरन पकड़कर डुमरिया स्थित एक टायर पंचर दुकान पर ले गए। वहां आरोपियों ने महिला के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर टेप लगा दिया। इसके बाद आरोपियों ने ग्राम रूनियाडीह जाकर महिला के ही मोबाइल से प्रार्थी को फोन किया और बाईस लाख रुपये की फिरौती मांगी। प्रार्थी द्वारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने तुरंत तीन टीमों का गठन किया।
पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग और सायरन बजाकर की जा रही घेराबंदी से आरोपी घबरा गए। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने पीड़िता को ग्राम डुमरिया से पीढ़ा होते हुए पर्री से चंदरपुर जाने वाले बाईपास रोड पर घायल अवस्था में छोड़ दिया। पुलिस टीम और प्रार्थी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय सूरजपुर में भर्ती कराया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रौशन देवांगन को मानपुर से और शेख इशू को केतका के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पीड़िता का मोबाइल, घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और साक्ष्य मिटाने के लिए जलाए गए कंबल व रस्सी की राख बरामद की है। इस पूरी कार्रवाई में सीएसपी बेनार्ड कुजूर और एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, उपनिरीक्षक एसआर भगत, संदीप सिंह, सहायक उपनिरीक्षक सुनील सिंह तथा आरक्षक रविराज पाण्डेय व रामप्रसाद साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फिलहाल पुलिस फरार चल रहे एक अन्य आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।





