कलेक्ट्रेट में हड़कंप: बिना हेलमेट पहुँचे 28 शासकीय कर्मचारियों पर गिरी गाज, पुलिस ने वसूला भारी जुर्माना

आज सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने औचक निरीक्षण कर बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के दफ्तर पहुँचने वाले कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस विशेष अभियान के तहत 28 शासकीय कर्मचारियों को यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया और उन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई।
जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास और डीआईजी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के कड़े निर्देशों के बाद, आज सुबह कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। जाँच के दौरान जो कर्मचारी बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन या बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन चलाते पाए गए, उन्हें तत्काल रोककर उनका समन शुल्क काटा गया। पुलिस टीम ने इस कार्रवाई में कुल 14,000 रुपये का जुर्माना वसूला।
उल्लेखनीय है कि इस सख्ती से ठीक दो दिन पहले प्रशासन ने शहर में एक विशाल हेलमेट जागरूकता रैली निकालकर नागरिकों को नियमों के पालन की सीख दी थी। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि जागरूकता का समय अब समाप्त हो चुका है और अब केवल अनुशासन लागू करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे आम नागरिक हों या सरकारी कर्मचारी।
शासकीय कर्मचारियों की जिम्मेदारी जनता से अधिक है। यदि नियम लागू करने वाला तंत्र ही इनका पालन नहीं करेगा, तो जनता को सही संदेश नहीं जाएगा। सरकारी कर्मचारी स्वयं एक उदाहरण प्रस्तुत करें, यही हमारा उद्देश्य है।
जशपुर पुलिस ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई केवल कलेक्ट्रेट तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में जिले के अन्य सरकारी विभागों और विकासखंड कार्यालयों में भी इसी तरह की आकस्मिक जाँच की जाएगी। पुलिस बल के जवानों को भी हिदायत दी गई है कि वर्दी में होने के बावजूद नियमों की अनदेखी करने पर उन पर भी बराबर की कार्रवाई होगी।
जशपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग करें। याद रखें, आपका जीवन आपके परिवार के लिए अत्यंत कीमती है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर बड़ी दुर्घटनाओं और गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है।





