वाड्रफनगर कोर्ट रूम में वकील से अभद्रता और मारपीट करने वाले दस गिरफ्तार कर भेजे गए जेल,तहसीलदार की रिपोर्ट पर पुलिस की कार्रवाई

बलरामपुर । तहसील कार्यालय वाड्रफनगर में राजस्व मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम और परिसर में जमकर हुड़दंग, गाली-गलौज और मारपीट करने वाले दस आरोपियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, वहीं मामले में संलिप्त बाकी बचे अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह पूरी कार्रवाई तहसीलदार की लिखित शिकायत के बाद पुलिस द्वारा की गई है।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाड्रफनगर के तहसीलदार गुरुदत्त पंचभाय ने पुलिस चौकी में स्वयं उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्नीस मई दो हजार छब्बीस को एक प्रकरण की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान अनावेदक पक्ष और उनके साथ आए गवाहों ने दूसरे पक्ष के अधिवक्ता श्री सिद्दीकी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कोर्ट रूम के भीतर ही दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। यह हंगामा यहीं नहीं रुका, दोनों पक्ष लड़ते हुए कोर्ट रूम से बाहर तहसील एवं सिविल कोर्ट परिसर तक आ गए और आपस में जमकर मारपीट की। इस घटना से पूरे परिसर में अशांति फैल गई, न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंची और शासकीय कार्य में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई। हंगामे के कारण न्यायालय के अन्य मामलों की सुनवाई और गवाही की प्रक्रिया भी बाधित हुई।
तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक अस्सी बटे छब्बीस के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वाड्रफनगर पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए रात में ही आरोपियों की पता-तलाश कर दस आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अफजल, इलियास, इलियासुद्दीन, अमरनाथ गहरवरिया, इन्द्रास, उदयनाथ गहरवरिया, रामसकल वर्मा, चन्द्रवली गहरवरिया, दिनेश पटेल और मनधारी खैरा शामिल हैं। ये सभी आरोपी ग्राम परसडीहा, तहसील वाड्रफनगर के निवासी हैं, जिन्हें बीस मई दो हजार छब्बीस को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर द्वारा इस प्रकार के अराजक तत्वों को सख्त चेतावनी दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के आपराधिक कृत्यों और अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध विधि के अनुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बलरामपुर पुलिस द्वारा भविष्य में भी इस तरह की अनुशासनहीनता और गुंडागर्दी से निपटने के संबंध में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।





