अम्बिकापुर

मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान ओमनी वैन से 760 मोबाइल और 95 किलो चांदी की पायल बरामद पश्चिम बंगाल के पांच युवक गिरफ्तार

Ambikapur । छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की गांधीनगर थाना पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ओम्नी कार की तलाशी लेकर पश्चिम बंगाल के एक गिरोह से भारी मात्रा में अवैध मोबाइल फोन और चांदी जैसी धातु के पायल बरामद किए हैं। बरामद किए गए सामानों में 110 नग कीमती स्मार्टफोन, 650 नग कीपैड मोबाइल और कुल 95.500 किलोग्राम पायल शामिल हैं। पकड़े गए सामानों का कोई भी वैध दस्तावेज या बिल प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने कार सहित सभी सामानों को जब्त कर लिया है और मामले में शामिल पश्चिम बंगाल के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
घटना के संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, गांधीनगर पुलिस को मुखबिर से एक बेहद गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि एक ग्रे रंग की ओमनी कार में कुछ संदिग्ध लोग हाट-बाजारों से चोरी किए गए और अवैध तरीके से जुटाए गए मोबाइलों को लेकर दूसरे राज्य में बेचने की फिराक में हैं। मुखबिर ने यह भी आशंका जताई थी कि इन अवैध मोबाइलों का इस्तेमाल आने वाले समय में साइबर फ्रॉड और अन्य असामाजिक व राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में किया जा सकता है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और बनारस रोड पर नाकेबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की गई।
चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने बनारस रोड पर आ रही संदेही ओमनी कार क्रमांक डब्लू. बी. 58 बी.पी. 8233 को रोककर उसकी बारीकी से तलाशी ली। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को प्लास्टिक की दो बोरियां मिलीं। जब इन बोरियों को खोला गया तो पुलिस के होश उड़ गए। पहली बोरी में भारी मात्रा में मोबाइल फोन भरे हुए थे, जिनकी गिनती करने पर 110 नग टच स्क्रीन स्मार्टफोन और 650 नग कीपैड मोबाइल पाए गए। वहीं दूसरी बोरी में धातु की पायल भरी हुई थी, जिसका वजन कराने पर कुल 95.500 किलोग्राम पाया गया। कार में सवार पांचों व्यक्तियों से जब पुलिस ने इतनी बड़ी मात्रा में मिले मोबाइल और पायल के संबंध में वैध कागजात और बिल की मांग की, तो वे कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
वैध दस्तावेज नहीं होने और सामान के चोरी या अवैध तरीके से अर्जित होने के संदेह पर पुलिस ने सभी सामान और वाहन को जब्त कर लिया। इसके बाद गांधीनगर थाने में अपराध क्रमांक 2283/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(3) और 3(5) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। मामले में संलिप्त जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, वे सभी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। पकड़े गए आरोपियों में सेन्तु शेख पिता मंटु शेख उम्र 26 वर्ष, गफ्फार शेख पिता इकबाल शेख उम्र 28 वर्ष, असिम शेख पिता आरिफ शेख उम्र 23 वर्ष, इब्राहिम शेख पिता मनिरूल शेख उम्र 30 वर्ष और माशदुल शेख पिता मक्कार अली शेख उम्र 37 वर्ष शामिल हैं। यह सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महिशमरा और प्रदीपडंगा गांव के निवासी हैं।
गांधीनगर पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को 18 मई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी इन मोबाइलों को कहां खपाने वाले थे और इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों से जुड़े हुए हैं। इस पूरी बड़ी और सराहनीय कार्रवाई में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, सहायक उप निरीक्षक अभिषेक दूबे, आरक्षक राहुल सिंह, रमन मंडल, घनश्याम देवांगन, सत्यम सिंह और सुल्तान अहमद की बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।

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