6 करोड़ की ठगी का खुलासा: कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा और बिलासपुर में मीटिंग कर लोगों को झांसा देने वाले ‘सी बुल्स ग्लोबल’ कंपनी का डायरेक्टर, दो सहयोगियों सहित झारखंड से गिरफ्तार…

पुलिस ने करोड़ों रुपए की ठगी के एक हाई-प्रोफाइल मामले का सफलतापूर्वक पटाक्षेप किया है। ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत कार्रवाई करते हुए, पत्थलगांव थाना क्षेत्र में फर्जी ‘सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन’ कंपनी बनाकर आम ग्रामीणों से लगभग ₹6 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य डायरेक्टर और उसके दो सहयोगियों को झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कंपनी का कथित एम.डी. मोहम्मद सिराज आलम (रांची), पार्टनर इमरान खान (हजारीबाग) और सहयोगी संतोष कुमार साव (चतरा) शामिल हैं, जिन्हें विधिवत न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है। मामले में पुलिस पूर्व में ही दो अन्य आरोपियों, हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू, को गिरफ्तार कर चुकी है।
इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पत्थलगांव के प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव ने दिनांक 17.10.2025 को थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि वर्ष 2023 में आरोपी संतोष कुमार साव ने उन्हें और उनके साथियों को कृषि प्रोडक्ट बेस कंपनी में निवेश पर अच्छा लाभ मिलने का झांसा दिया। कुछ महीने ब्याज देने के बाद जब पैसा आना बंद हो गया, तो एम.डी. मोहम्मद सिराज आलम सामने आया। आलम ने बताया कि उनकी कंपनी ट्रेडिंग करती है और सेबी में रजिस्टर्ड है, जहाँ निवेश करने पर प्रतिदिन 1 प्रतिशत का लाभ मिलेगा, जिससे 10 महीनों में मूलधन तीन गुना हो जाएगा। निवेशकों को गारंटी देने के लिए उन्होंने जांजगीर-चांपा के दो पार्टनर का हवाला देते हुए बैंक के चेक भी दिए।
आरोपियों ने निवेशकों को फंसाने के लिए अक्टूबर 2023 में कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा और बिलासपुर जैसे अलग-अलग स्थानों पर बड़ी मीटिंगें आयोजित कीं, जिसके परिणामस्वरूप प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव ने ₹1 करोड़ 80 लाख, लक्ष्मण केशवानी ने ₹95 लाख, कमलेश यादव ने ₹10 लाख, भूषण पटेल ने ₹33 लाख, डॉ. पीताम्बर साय निराला ने ₹25 लाख और राजेश देवांगन ने ₹15 लाख सहित अन्य लोगों से कुल ₹6 करोड़ रुपए का निवेश करा लिया। निवेशकों द्वारा रकम वापस मांगने पर 2024 में ठगों ने अपनी वेबसाइट बंद कर दी और बहाना बनाया कि कंपनी को नुकसान हुआ है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह एक पोंजी स्कीम थी, जिसमें निवेशकों के पैसे को ही ब्याज के तौर पर दिया जा रहा था। जब नए निवेशक जुड़ना बंद हो गए, तो ठगों ने रकम हड़प कर ली। तकनीकी टीम और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी मोहम्मद सिराज आलम को बोकारो, तथा इमरान खान और संतोष कुमार साव को रांची से हिरासत में लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी आगे की जांच जारी है।





