बलरामपुर: 10 करोड़ रुपये के गांजे के साथ मुख्य सरगना सहित दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की पुलिस और जिले में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ एंड-टू-एंड कार्रवाई करते हुए अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस विशेष अभियान के तहत थाना बसंतपुर पुलिस द्वारा उड़ीसा से छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य के भारी मात्रा में अवैध नशीले पदार्थ गांजे को बरामद किया गया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में तस्करी में प्रयुक्त एक 16 चक्का टाटा ट्रक वाहन को भी जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। इस प्रकार पुलिस ने पूरी कार्रवाई के दौरान कुल साढ़े दस करोड़ रुपये का मशरूका बरामद करने में सफलता पाई है। पुलिस द्वारा मौके से अवैध गांजे की तस्करी में संलिप्त उत्तर प्रदेश राज्य के रहने वाले दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जिसमें इस पूरे अंतरराज्यीय सिंडिकेट का मुख्य सरगना भी शामिल है।
इस पूरी बड़ी कार्रवाई को सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा और बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के कुशल मार्गदर्शन एवं सख्त निर्देशन में अंजाम दिया गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को मादक पदार्थों के अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने तथा इसमें सम्मिलित आरोपियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने हेतु सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सरहदी इलाकों में बलरामपुर पुलिस द्वारा लगातार सघन पेट्रोलिंग और एम.सी.पी. की कार्रवाई की जा रही है। विदित हो कि इससे पूर्व भी दिनांक 29 दिसंबर 2025 को थाना बसंतपुर पुलिस द्वारा एक टाटा ट्रक वाहन में नारियल की भूसी के भीतर छिपाकर उड़ीसा से राजस्थान ले जाया जा रहा कुल 1198.460 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया था। उस घटना में संलिप्त मौके से गिरफ्तार तीन आरोपियों सहित ट्रक को जब्त कर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 228/2025, धारा 20 (बी) (ii) (सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। इसी पुराने प्रकरण की एंड-टू-एंड विवेचना और मुख्य आरोपियों की पता-तलाश के दौरान पुलिस को लगातार कुछ संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त जानकारी प्राप्त हो रही थी।
इसी तारतम्य में दिनांक 11 जून 2026 की दरम्यानी रात बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सोनी को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पुख्ता जानकारी मिली कि पूर्व मामले का मुख्य संदिग्ध आरोपी लोकेश शर्मा कहीं आस-पास ही मौजूद है और दोबारा किसी बड़ी संदिग्ध गतिविधि को अंजाम देने की फिराक में है। इस सूचना पर पुलिस टीम द्वारा चौकसी बढ़ाई गई और इसी दौरान रात्रि करीब ढाई से तीन बजे के बीच एक टाटा ट्रक वाहन क्रमांक RJ 14 GU 9078 आता हुआ दिखाई दिया, जिसे टीम द्वारा थाना बसंतपुर के पास रोका गया। वाहन में सवार व्यक्तियों से कड़ाई से नाम और पता पूछने पर उन्होंने अपनी पहचान लोकेश शर्मा पिता हरिश्चंद शर्मा, उम्र 46 वर्ष, निवासी जरोधापाड़ा, थाना बड़गांव, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश तथा आमिष अंसारी पिता कल्लू अंसारी, उम्र 23 वर्ष, निवासी बड़ीकला, थाना छापर, जिला मुजफ्फरपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में बताई।
इसके पश्चात उक्त टाटा ट्रक वाहन क्रमांक RJ 14 GU 9078 की पुलिस टीम द्वारा विधिवत तलाशी ली गई, जिसमें ट्रक के भीतर विशेष रूप से छिपाकर रखे गए कुल 62 पैकेट बरामद किए गए। प्रत्येक पैकेट का वजन करीब 30 किलोग्राम था, जिसे तोलने पर कुल मात्रा 1941.110 किलोग्राम अवैध नशीला पदार्थ गांजा पाई गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है। पुलिस ने मौके से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के टाटा ट्रक सहित कुल साढ़े दस करोड़ रुपये का मशरूका विधिवत जब्त कर लिया। थाना प्रभारी बसंतपुर द्वारा बरामद मादक पदार्थ और ट्रक को कब्जे में लेकर आरोपियों के विरुद्ध थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 93/2026, धारा 20 (बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत नया मामला कायम कर विवेचना में लिया है और गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है।
ज्ञात हो कि इस एंड-टू-एंड कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया आरोपी लोकेश शर्मा इस पूरे अवैध गांजा तस्करी नेटवर्क का मुख्य सरगना है, जो उड़ीसा से छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर प्रदेश तक गांजा तस्करी का एक बड़ा सिंडिकेट चलाता है। यह आरोपी बसंतपुर थाने में पूर्व से दर्ज अपराध क्रमांक 228/2025 का भी मुख्य आरोपी है, जिसके नाम पर पूर्व में जब्त टाटा ट्रक क्रमांक RJ 32 GE 0960 दर्ज था, जिससे 1198.460 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था। वर्तमान कार्रवाई में जब्त किया गया टाटा ट्रक क्रमांक RJ 14 GU 9078 भी इसी मुख्य सरगना लोकेश शर्मा के नाम पर ही दर्ज पाया गया है। आरोपी लोकेश शर्मा लगातार अपने वाहन और तरीके बदलकर पुलिस को चकमा देने का प्रयास कर रहा था, जिसकी बलरामपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी। इस संपूर्ण और सराहनीय कार्रवाई में बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सोनी, प्रधान उपनिरीक्षक मनीष साहू, सहायक उपनिरीक्षक धनसिंह सांडिल्य, प्रधान आरक्षक 266 हरिप्रसाद, सायबर सेल के आरक्षक आकाश तिवारी, आरक्षक 877 भूपेन्द्र मरावी, आरक्षक 1193 जनार्दन सिंह, आरक्षक धर्मेंद्र यादव, आरक्षक 764 रामसाय और आरक्षक अजय टोप्पो की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।





