शासकीय राशि के गबन के मामले मे दो पूर्व सरपंचों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी, कोर्ट में पेश करने के निर्देश..

अंबिकापुर में ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों के लिए मिली शासकीय राशि का दुरुपयोग और गबन करने के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी अंबिकापुर द्वारा शासकीय राशि जमा न करने के प्रकरण में दो पूर्व सरपंचों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद संबंधित थाना प्रभारियों को आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
पहला मामला ग्राम पंचायत लब्जी का है, जहां के तत्कालीन सरपंच जोगेन्द्र लाल भगत पर विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त 8 लाख 29 हजार रुपये की राशि का अनाधिकृत रूप से आहरण करने का आरोप है। जांच में सामने आया कि राशि निकालने के बावजूद कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया और रकम को अपने पास रखकर शासकीय राशि का गबन किया गया। प्रकरण के विचाराधीन होने और कई बार अवसर दिए जाने के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करने पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर संबंधित को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इसी तरह दूसरा मामला ग्राम पंचायत थोर का है, जहां के तत्कालीन सरपंच परमोहन सिंह के विरुद्ध 90 हजार 296 रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग और गबन का मामला दर्ज है। संबंधित पूर्व सरपंच द्वारा राशि का समायोजन या वापसी नहीं किए जाने के कारण मामला न्यायालय में लंबित था। इस पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर उन्हें भी गिरफ्तार कर समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं।
न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि शासकीय राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में पूरी सख्ती के साथ विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है, और थाना प्रभारियों को इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।





