पुलिस हिरासत में मौत पर बवाल, रोती बिलखती बहन पायल का गंभीर आरोप- “पीट-पीटकर मारा”; बलरामपुर कोतवाली छावनी में तब्दील पुलिस के ‘सिकल सेल’ दावे पर उठे सवाल, प्रेस विज्ञप्ति से मृतक का नाम नदारद होने से गहराया संदेह… देखें वीडियो

बलरामपुर। लाखों की ज्वेलरी चोरी के आरोप में गिरफ्तार 19 वर्षीय युवक उमेश सिंह की पुलिस हिरासत में हुई मौत ने बलरामपुर पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया है। रविवार तड़के हुई इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने जहां पुलिस पर बेरहमी से पिटाई का सीधा आरोप लगाया है, वहीं पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मृतक का नाम नदारद होना पूरे मामले को गहन संदेह के घेरे में ला खड़ा करता है।
किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने बलरामपुर कोतवाली और अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील करते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
बहन पायल का हृदयविदारक बयान
अस्पताल परिसर में मृतक उमेश सिंह की बहन पायल ने रो-रोकर मीडिया के सामने पूरी घटना का जिक्र किया। अपने भाई की मौत के लिए सीधे पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए, पायल ने हृदयविदारक लहजे में कहा:
“उसे कोई बीमारी नहीं थी। पुलिस वालों ने हाथ बांधकर मेरे भाई को मारा है। हम उनसे मिलने गए तो हमें मिलने नहीं दिया गया। पुलिस ने उसे पीट-पीटकर मार डाला और अब बीमारी का बहाना बना रही है। हमें इंसाफ चाहिए!”
पायल के साथ मृतक की माँ अगरमती सिंह और अन्य परिजनों ने भी पुलिस पर मुँह से खून निकलने और झूठ बोलने का आरोप लगाया।
प्रेस विज्ञप्ति पर संदेह
यह विडंबना है कि पुलिस ने जिस आरोपी की मौत हिरासत में हुई, उसकी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में भी मृतक उमेश सिंह के नाम का उल्लेख करने से परहेज किया। आलोचकों का मानना है कि पुलिस का यह कदम स्वयं ही लापरवाही और सत्य छिपाने की ओर इशारा करता है, जो ‘सिकल सेल’ के दावे को भी कमजोर करता है।
पुलिस के अनुसार, 30 अक्टूबर की चोरी में गिरफ्तार 9 आरोपियों में शामिल उमेश सिंह की तबीयत जेवर बरामदगी के बाद वापसी के दौरान बिगड़ी थी।
प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें
जिले में एक वर्ष पूर्व हुई ऐसी ही घटना के बाद पुलिस प्रशासन की यह दूसरी असफलता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, बलरामपुर में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
मृतक की माँ ने भी पुलिस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा, “मेरे बेटे को कोई भी बीमारी नहीं थी। पुलिस वाले उसको मार के मरवाए हैं। वह लगातार 3 दिन से उसको मार रहे थे। मेरे बेटे को बांधकर मारते मारते लेकर आए थे।”





