”सिर्फ शिक्षकों के लिए आयोजित होगी विशेष TET परीक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से यूपी के लाखों प्राइमरी और मिडिल शिक्षकों को राहत”

स्पेशल TET परीक्षा: प्राइमरी और मिडिल स्कूलों मे कार्यरत शिक्षकों की नौकरी पर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास न होने के कारण मंडरा रहे गंभीर संकट को दूर करते हुए योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका सकारात्मक तोड़ निकालते हुए सिर्फ सेवारत शिक्षकों के लिए ‘विशेष TET’ परीक्षा आयोजित कराने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों को बहुत बड़ी राहत मिली है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने सेवारत शिक्षकों के लिए अलग से शिक्षक पात्रता परीक्षा-टीईटी आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय यूपी टीईटी-2026 की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को सेवारत शिक्षकों के लिए अलग से टीईटी आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चूंकि सर्वोच्च न्यायालय ने परीक्षा अनिवार्य कर दी है, इसलिए सेवारत शिक्षकों को भी रोजगार और पदोन्नति के समान अवसर मिलने चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में 1 सितंबर 2025 को दिए गए अपने फैसले में यह अनिवार्य कर दिया था कि अध्यापन कार्य से जुड़े सभी शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण करना जरूरी है।
इस फैसले के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। मामले की सुनवाई करते हुए 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व के फैसले को बरकरार तो रखा, लेकिन राज्य सरकार की दलीलों पर विचार करते हुए टीईटी उत्तीर्ण करने की समय-सीमा को 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दिया। साथ ही, अदालत ने राज्यों को निर्देश दिया कि भविष्य में टीईटी परीक्षाएं समय-समय पर (संभव हो तो वर्ष में दो बार, लगभग छह माह के अंतराल पर) आयोजित की जाएं। अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि इसके बाद समय-सीमा बढ़ाने के लिए कोई भी मोहलत नहीं दी जाएगी।
योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: निकाला विशेष TET का तोड़
सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त आदेश के दायरे में उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्तर के लगभग 64,062 और उच्च प्राथमिक स्तर के करीब 76,256 कार्यरत शिक्षक आ रहे थे। यदि समय रहते इन्हें परीक्षा का अवसर न मिलता, तो उनकी नौकरी पर संकट के बादल मंडराने तय थे।
इस गंभीर स्थिति को भांपते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए फौरी तौर पर ‘विशेष TET’ का रास्ता निकाला। सरकार के इस कदम से उन सभी सेवारत शिक्षकों को परीक्षा पास करने का सीधा और सुनहरा अवसर मिल जाएगा, जो अभी तक TET पास नहीं कर पाए थे।
कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
शासन स्तर पर इस पर तेजी से काम शुरू हो गया है। विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी ने 21 जुलाई को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है।
आयोग को निर्देश: शासन ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज को पत्र लिखकर इस विशेष परीक्षा के आयोजन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना (Detailed Action Plan) तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
युद्ध स्तर पर तैयारी: आयोग जल्द ही परीक्षा की तारीखों, आवेदन प्रक्रिया और पाठ्यक्रम से जुड़ा पूरा खाका शासन के समक्ष पेश करेगा, जिससे तय समय-सीमा के भीतर शिक्षकों को राहत प्रदान की जा सके।
शिक्षकों में खुशी की लहर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक वर्ग में राहत की लहर दौड़ गई है। शिक्षक संघों और सेवारत शिक्षकों ने सरकार के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। जानकारों का मानना है कि योगी सरकार के इस ‘मास्टरस्ट्रोक’ से न केवल लाखों शिक्षकों का वर्षों पुराना शैक्षणिक तनाव दूर हुआ है, बल्कि उनके परिवारों को भी एक बड़ी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिली है।



