नीट पेपर लीक पर प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: पीएम मोदी के संदेश के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन और प्रशासनिक फेरबदल के बीच CJP का देशव्यापी प्रदर्शन आज

नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी आंदोलन और देश भर में गहमागहमी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। प्रधानमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि ऐसी घटनाएं घोर पाप हैं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि इस संबंध में एक सख्त बिल और प्रावधानों के प्रस्ताव पर कैबिनेट की बैठक में मुहर लगाई जाएगी, जिसे जल्द से जल्द सदन में पेश किया जाएगा।

इसी कड़ी में एक बड़ा घटनाक्रम गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से सामने आया, जहां परीक्षा की गड़बड़ियों और अन्य मांगों को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में यह अनशन टूटा।

इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट करते हुए हुए वांगचुक ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को टालने के उद्देश्य से उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही एक अलग वीडियो के जरिए इन शर्तों की पूरी जानकारी साझा करेंगे और साथ ही देशवासियों से अपील की है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें ताकि कहीं भी किसी भी प्रकार की हिंसा न हो।

सरकार के इन सख्त संदेशों के बाद न्याय व्यवस्था के मोर्चे पर भी तेजी से कदम उठाए गए। पेपर लीक से जुड़े गंभीर मामलों के त्वरित ट्रायल और दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट को नोटीफाई कर दिया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज अनु ग्रोवर बालीगा को राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज के तौर पर तैनात किया गया है, जो अब इन मामलों की विशेष रूप से सुनवाई करेंगी।

इन तमाम राजनीतिक और न्यायिक सरगर्मियों के बीच केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा बदलाव किया है। विरोध प्रदर्शनों और सुगबुगाहट के बीच शिक्षा सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में ट्रांसफर कर दिया गया है, और उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है, जो अब मंत्रालय की कमान संभालेंगे।
इन सबके बीच, इन सभी मुद्दों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। ‘Every District. One Day. One Demand’ नारे के तहत देश के सभी जिलों और शहरों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की गई है, जिसमें मुख्य रूप से जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई मारपीट का विरोध किया जा रहा है। इस देशव्यापी प्रदर्शन और संभावित हलचल के मद्देनजर दिल्ली समेत कई जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है।





