छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का फर्जी जवान बन महिला से मत्स्य विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी…

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का फर्जी जवान बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पुन्नी लाल अनंत (उम्र 27 वर्ष, निवासी टाडा दर्रीकापा, कोटा, बिलासपुर) पर दो महिलाओं को झांसे में लेने और उनमें से एक महिला से मत्स्य विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर ₹2 लाख ठगने का आरोप है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब झरगांव निवासी सीमा बाई ने 08.12.2025 को थाना सिटी कोतवाली जशपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थिया ने बताया कि 28.08.2025 को कलेक्ट्रेट परिसर जशपुर में उसकी मुलाकात पुलिस की वर्दी पहने पुन्नी लाल अनंत से हुई, जिसने स्वयं को बिलासपुर का निवासी और ‘ऊपर तक पहुँच’ वाला व्यक्ति बताया। आरोपी के वर्दी में होने के कारण प्रार्थिया उसके झांसे में आ गई। दो-तीन दिन बाद आरोपी ने फोन करके बताया कि मत्स्य विभाग में बात हो गई है और जॉइनिंग लेटर के लिए ₹4 लाख लगेंगे, जिसके बाद प्रार्थिया ने उसे ₹2 लाख दे दिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने प्रार्थिया की भतीजी को भी डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर उसके शैक्षणिक दस्तावेज़ (अंक सूची, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड) रख लिए और ₹3 लाख की मांग की थी।
प्रार्थिया को कुछ समय बाद पता चला कि पुन्नी लाल अनंत पुलिस का जवान नहीं है और उसने वर्दी पहनकर ठगी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिटी कोतवाली जशपुर में आरोपी पुन्नी लाल अनंत के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस) की धारा 318(2) और 318(4) के तहत तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जाँच शुरू की गई। घटना के बाद से ही आरोपी फरार था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर, शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस की टेक्निकल टीम और मुखबिर की मदद से पता चला कि आरोपी अपने गृह ग्राम टाडा दर्रीकापा, बिलासपुर में छिपा हुआ है।
पुलिस टीम ने तत्काल बिलासपुर रवाना होकर आरोपी पुन्नी लाल अनंत को उसके घर से घेराबंदी कर हिरासत में लिया। जशपुर लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह जशपुर में किराए पर रहता था और आस-पड़ोस के लोगों तथा दोस्तों को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का सिपाही बताकर वर्दी पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर में घूमता था ताकि लोगों को झांसा दे सके। इसी दौरान उसने दो महिलाओं को नौकरी दिलाने का लालच दिया और एक महिला से ₹2 लाख ठग लिए थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए शैक्षणिक और पहचान संबंधी दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं। पर्याप्त सबूत मिलने और अपराध स्वीकार करने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले की कार्यवाही में निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, सहायक उप निरीक्षक मनोज कुमार भगत और आरक्षक विनोद तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि फर्जी जवान बनकर ठगी करने वाले आरोपी पर पुलिस की कार्यवाही जारी है।





