जमीन विवाद : खेत में ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या, 80 वर्षीय आरोपी समेत 8 आरोपी गिरफ्तार

सरगुजा जिले के थाना बतौली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सिलमा चिटकाही में जमीन विवाद को लेकर धान बुआई के दौरान एक व्यक्ति की खेत में ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई। इस गंभीर मामले में सरगुजा पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए एक अस्सी वर्षीय बुजुर्ग सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल पुलिस अधीक्षक सरगुजा के दिशा-निर्देश पर बतौली पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार की जा रही धरपकड़ के तहत यह सख्त कार्यवाही की गई है।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 14 जून 2026 को थाना बतौली पुलिस को ग्राम सिलमा चिटकाही में विवादित भूमि पर धान फसल बुआई की बात को लेकर मारपीट करने एवं खेत में ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या करने की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मौके पर प्रार्थिया धनेश्वरी पति स्व. होंश राम निवासी सिलमा पटेलपारा ने मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका और भुवनेश्वर पैंकरा के बीच ग्राम सिलमा चिटकाही स्थित विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर पुराना विवाद है। यह विवादित भूमि पूर्व में प्रार्थिया की बड़ी सास कामेश्वरी के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज थी और तभी से वे इस भूमि पर काबिज होकर खेती करते आ रहे थे। यह भूमि भू-स्वामी की मृत्यु के पूर्व वसीयतनामा के आधार पर तहसील न्यायालय बतौली के आदेश से प्रार्थिया के नाम पर दर्ज हुई थी, किन्तु बाद में भुवनेश्वर पैंकरा के आवेदन पर एसडीएम न्यायालय सीतापुर में प्रकरण चलने के बाद यह भूमि भुवनेश्वर पैंकरा के नाम से राजस्व रिकार्ड में दर्ज हो गई। इसके बावजूद पूर्व से काबिज होने के कारण धनेश्वरी और उसके पति होंश राम ने 13 जून 2026 को ट्रैक्टर से जुताई कर खेत में धान बो दिया था।
विवादित भूमि पर धान बुआई की जानकारी मिलने पर अगले दिन 14 जून 2026 को भुवनेश्वर पैंकरा, बजरंग, मनोज, रघुनंदन, बोधन, उमेश, कमली और प्यारी ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंचे और बोई हुई फसल पर दोबारा ट्रैक्टर चलाकर जुताई करने लगे। दोपहर करीब 11ः30 बजे जब धनेश्वरी, उसके पति होंश राम और दोनों पुत्र हेमंत पैंकरा व महेन्द्र पैंकरा ने मौके पर पहुंचकर उन्हें धान बोने से मना किया, तो सभी आरोपी एकमत होकर जान से मारने की धमकी व अश्लील गाली-गलौज करने लगे। आरोपियों ने कहा कि जमीन उनके नाम पर है और वे आज धान बुआई करके ही रहेंगे तथा जो भी बीच में आएगा उसे ट्रैक्टर से कुचलकर मार देंगे। इसके बाद जान से मारने की नीयत से सभी आरोपियों ने होंश राम से धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। जब पत्नी और दोनों बेटों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उन पर भी हाथ-मुक्के और लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
इसी दौरान आरोपियों के उकसाने पर उमेश नामक आरोपी ने जान से मारने की नीयत से जॉन डियर कंपनी का ट्रैक्टर अत्यधिक रफ्तार से चलाते हुए हेमंत को कुचलने का प्रयास किया, जिसने किसी तरह मेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। उसी समय मेड़ पर खड़े होंश राम को भुवनेश्वर पैंकरा, बजरंग, मनोज, रघुनंदन, बोधन, कमली और प्यारी ने एकमत होकर नीचे खेत में धकेल दिया। तभी ट्रैक्टर चला रहे उमेश ने तेजी से आकर होंश राम को टक्कर मार दी। बचने के लिए होंश राम ट्रैक्टर के बम्फर में झूल गए और आहत होकर खेत में गिर गए, जिसके बाद उमेश ने दोबारा उनके ऊपर ट्रैक्टर चलाकर उन्हें कुचल दिया, जिससे होंश राम की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
इस घटना पर पुलिस ने मौके पर ही बिना नंबरी अपराध नालसी 00/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 109(1), 296(ख), 351(3), 115(2), 190, 191(2), 191(3), 54 के तहत मामला दर्ज किया, जिसे बाद में असल अपराध क्रमांक 66/2026 पर कायम कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान मर्ग क्रमांक 35/2026 कायम कर मर्ग डायरी को अपराध डायरी में शामिल किया गया। पुलिस ने प्रार्थिया व गवाहों के कथन, घटना स्थल निरीक्षण, शव निरीक्षण, आहत धनेश्वरी, हेमंत व महेन्द्र पैंकरा का डॉक्टरी मुलाहिजा और पीएम रिपोर्ट के अवलोकन के साथ ही घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर तथा लाठी-डंडे जब्त किए। अपराध सबूत पाए जाने पर पुलिस ने घेराबंदी कर आठों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इस पूरी कार्यवाही में थाना बतौली से थाना प्रभारी व निरीक्षक विवेक कुमार सेंगर, उपनिरीक्षक आभाष मिंज, आरक्षक जितेन्द्र सिंह, विकास एक्का, राजेश खलखो, राकेश एक्का, राजू कुजूर, जोगी बड़ा तथा साइबर सेल से प्रभारी सउनि अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान और आरक्षक अशोक यादव की भूमिका रही।





