JCB ऑपरेटर ने खुद को बताया DSP, महिला से बच्चों को नौकरी दिलाने के नाम पर 72 लाख ठगे..

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के कुसमी थाना पुलिस ने एक बड़े ठगी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को मध्यप्रदेश के सीधी जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वर्ष 2016 से 2025 के बीच खुद को मध्यप्रदेश पुलिस का डीएसपी बताकर, एक महिला से उसके दो बच्चों को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कुल ₹72,00,000 (बहत्तर लाख रुपये) की धोखाधड़ी की।
अपराध क्रमांक 92/2025 के तहत गिरफ्तार आरोपी का नाम संतोष कुमार पटेल (पिता रविनाथ पटेल, उम्र 29 वर्ष, निवासी पड़खुरी पचोखर, थाना चुरहट, जिला सीधी, मध्यप्रदेश) है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी संतोष कुमार पटेल वर्ष 2016 से 2021 तक ए. साई कंपनी में जेसीबी ऑपरेटर का काम करता था, जिसने सामरी, जलजली एवं श्रीकोट क्षेत्र में रोड निर्माण का ठेका लिया था। वर्ष 2016-2017 में, जब कंपनी का कैंप कुसमी-सामरी रोड पर ग्राम गजाधरपुर के पास लगा था, तभी कैंप से सटे जंगल में बकरी चराने आने वाली ग्राम कंजिया निवासी पीड़िता ललकी बाई से उसकी जान-पहचान हुई थी।
रोड निर्माण का काम खत्म होने के बाद, जब आरोपी अपने गृहग्राम चला गया, तो उसने पीड़िता को फोन पर बताया कि उसकी नौकरी मध्यप्रदेश पुलिस में डीएसपी के पद पर लग गई है। उसने झांसा दिया कि चूंकि उसने भी पैसा देकर नौकरी लगवाई है, इसलिए वह पीड़िता के दोनों बच्चों को भी पुलिस में अच्छे पद पर नौकरी दिलवा देगा, जिसके लिए मोटी रकम लगेगी।
आरोपी संतोष पटेल ने नौकरी दिलाने के झूठे वादे के साथ-साथ, अपनी पत्नी, बहन या स्वयं की तबियत खराब होने का बहाना बनाकर भी पीड़िता से लगातार पैसों की मांग की। वर्ष 2018 से वर्ष 2025 तक, उसने विभिन्न किस्तों में पीड़िता ललकी बाई से अपने यूनियन बैंक के खाता क्रमांक 396202010055766 में और फोन-पे के माध्यम से कुल ₹72 लाख रुपये की ठगी की।
पीड़िता की शिकायत पर थाना कुसमी में धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 बी. एन एस. के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी ईम्मानुएल लकडा के कुशल मार्गदर्शन में थाना कुसमी से एक विशेष टीम गठित की गई। टेक्निकल जानकारी के आधार पर, टीम को मध्यप्रदेश रवाना किया गया और आरोपी संतोष कुमार पटेल को सीधी जिले से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी और संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी उनि. विरासत कुजूर, स.उनि रमेश तिवारी, सउनि दीपक बड़ा, और आरक्षक क्रमांक- 598 धीरेन्द्र चंदेल का योगदान रहा।





