सोशल मीडिया पर पैसे कमाने का जरिया तलाशते हुए आया छोटे बच्चे की हत्या कर अंगों को बेचने का विचार, 4 वर्षीय बालक की हत्या कर उसके शरीर के अंग निकालने वाला अपराधी गिरफ्तार…

जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र से एक बेहद झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर मानव अंग बेचकर जल्दी और अधिक पैसा कमाने के तरीके तलाशते हुए एक सिरफिरे युवक ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने रिश्ते के ममेरे भाई के 4-5 वर्षीय मासूम बच्चे को बहला-फुसलाकर पहले शराब पिलाई और फिर नशे में होने पर चाकू से उसका गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मासूम के शरीर के अंग (किडनी, फेफड़ा और आंखें) निकालकर प्लास्टिक की बाल्टी में छिपा दिए और शव को बोरी में भरकर खेत के गड्ढे में मिट्टी से दबा दिया। जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर शव व शरीर के अंग बरामद कर लिए हैं।
मवेशी और मजदूरी के बहाने रची गई साजिश
घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि थाना सन्ना क्षेत्रांतर्गत ग्राम लोढ़ेनापाठ महुआ निवासी रामजीत राम (36 वर्ष) ने 7 नवंबर 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 4-5 वर्षीय पुत्र जितेन्द्र राम 5 नवंबर से लापता है। प्रार्थी करीब एक वर्ष पूर्व परिवार सहित मजदूरी करने सन्ना आया था और आमटचुआ नदी डेम के पास झोपड़ी में रहता था। ग्राम गोर्रापाठ निवासी आरोपी बासुदेव उर्फ टंगनू (27 वर्ष) रिश्ते में प्रार्थी का ममेरा भाई है और उसका घर आना-जाना था। 5 नवंबर की सुबह आरोपी रामजीत और एक अन्य परिचित को शराब पीने के बहाने साथ ले गया था। बाद में प्रार्थी जब अपनी झोपड़ी लौटा, तो उसका बेटा गायब मिला। आसपास पूछताछ करने पर पता चला कि बच्चे को आखिरी बार आरोपी बासुदेव के साथ देखा गया था।
खेत के गड्ढे में मिला बोरी में लिपटा शव
तलाश के दौरान 7 नवंबर की सुबह प्रार्थी सन्ना गांव के एक खेत की ओर गया, जहां मक्का बाड़ी की मेड़ के पास पानी से भरे गड्ढे में बोरी के अंदर कंबल और गोदरी में लिपटा हुआ बालक का शव हल्के रूप से मिट्टी से दबा हुआ बरामद हुआ। इस पर थाना सन्ना में अपराध क्रमांक 88/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(1)(बी), 103(1), और 238(ए) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
सोशल मीडिया बना खौफनाक वारदात की वजह
प्रकरण की गंभीरता को भांपते हुए जशपुर पुलिस ने त्वरित साक्ष्य संकलन करते हुए संदेही बासुदेव उर्फ टंगनू को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया। आरोपी ने बताया कि वह अपनी मजदूरी की आय से संतुष्ट नहीं था और अधिक पैसा कमाना चाहता था। इसके लिए वह सोशल मीडिया पर पैसे कमाने के विभिन्न तरीके तलाश रहा था। इसी दौरान उसके दिमाग में छोटे बच्चों के शरीर के अंग निकालकर उन्हें बेचने के जरिए अमीर बनने का खौफनाक विचार आया।
शराब पिलाकर रेता गला, फिर निकाले अंग
योजना के तहत आरोपी ने 5 नवंबर को रामजीत के बेटे जितेन्द्र को बहला-फुसलाकर अपने साथ गुलाम अंसारी के खेत की झोपड़ी और महानदी डेम के पास घुमाया। इसके बाद वह बच्चे को सन्ना खुटाटांगर ले गया, जहां उसने शराब और मुर्गा खरीदा। वापस आकर उसने बच्चे को भी शराब पिलाई। जब बच्चा नशे में सो गया, तो आरोपी ने अपने पास रखे चाकू से उसका गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने उसी चाकू से मृतक के सीने और पेट को चीरकर किडनी, फेफड़ा और आंखें निकालकर प्लास्टिक की बाल्टी में रख लीं। इसके बाद शव को कंबल व गोदरी में लपेटकर बोरी में भरा और खेत के पानी से भरे गड्ढे में मिट्टी के नीचे दबा दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी
जशपुर पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर उसकी निशानदेही से मृतक बालक का शव, हत्या में प्रयुक्त चाकू, फावड़ा, शरीर के अंग रखने वाली प्लास्टिक की बाल्टी और आरोपी का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। पुलिस ने डॉक्टर से मृतक बालक का विधिवत पोस्टमार्टम कराया है। कुत्सित मानसिकता, जल्दी पैसा कमाने की लालसा और इंटरनेट के गलत इस्तेमाल के चलते इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी बासुदेव उर्फ टंगनू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस अंधी हत्या का पर्दाफाश करने और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाने में थाना प्रभारी सन्ना निरीक्षक राकेश यादव, उप निरीक्षक आभास मिंज, प्रधान आरक्षक सुमन टोप्पो, रविन्द्र एक्का, विजय खूंटे तथा आरक्षक महेश्वर यादव, प्रवीण खलखो और बलबीर भगत की अहम भूमिका रही है।




