अंबिकापुर में‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा- “घुसपैठियों को बचाने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम कर रहा”संजय श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ नेताओं ने आमसभा को किया संबोधित ,

अम्बिकापुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के अंतर्गत भाजपा सरगुजा द्वारा विशाल पदयात्रा एवं आमसभा का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद चिंतामणि महाराज, जिला प्रभारी गोपाल साहू, जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, विधायक एवं कार्यक्रम प्रभारी प्रबोध मिंज, विधायक राजकुमार टोप्पो, महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, जिला सह प्रभारी सुनील गुप्ता, बस्तर संभाग सह प्रभारी हरपाल सिंह भामरा, पूर्व जिलाध्यक्ष ललन प्रताप सिंह एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह मेजर की विशेष उपस्थिति में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं आमजनों ने पदयात्रा में सहभागिता की।
पदयात्रा पीजी कॉलेज मैदान से प्रारंभ होकर अंबेडकर चौक, गांधी चौक एवं घड़ी चौक होते हुए कलाकेन्द्र मैदान पहुंची, जहां आयोजित आमसभा को अतिथियों ने संबोधित किया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि एसआईआर पर चर्चा की आवश्यकता है, क्योंकि कांग्रेस के साथ मिलकर विपक्षी दल देश में श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जैसा माहौल बनाना चाहते हैं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां वोट के माध्यम से सत्ता का परिवर्तन होता है, लेकिन ये लोग युवाओं और आमजन को भ्रमित कर सड़कों पर उतारकर सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं। नेहा वोहरा का कथन सभी ने सुना है कि बांग्लादेश से हमें सीखना चाहिए। यही इनकी मानसिकता है कि बांग्लादेश और नेपाल जैसा माहौल बनाकर सरकार बनाई जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब के संविधान में इस आशय का उल्लेख है कि किसी बाहरी देश के व्यक्ति को यहां मतदान करने का अधिकार नहीं होगा। इसके बावजूद विपक्ष बांग्लादेश सहित कई देशों के घुसपैठियों के सहारे हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को खराब करना चाहता है, लेकिन हमारी भाजपा सरकार ऐसे घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए कटिबद्ध है।

श्री शर्मा ने एसआईआर प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया के विषय में राहुल गांधी को कुछ भी जानकारी नहीं है। एसआईआर से 13 करोड़ नाम काटे जाने का हिसाब मांगा जा रहा है, जबकि इनमें से 3 करोड़ मतदाता ऐसे थे, जो एसआईआर प्रक्रिया के दौरान न तो सामने आए और न ही उनके संबंध में किसी ने दावा किया। सही मतदाताओं को इस प्रक्रिया में कोई शिकायत नहीं है। कांग्रेस इन्हीं 3 करोड़ नामों को लेकर छाती पीट रही है, क्योंकि ये वही वोटर थे, जिनके फर्जी होने और घुसपैठियों से जुड़े होने पर सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष उनके लिए आंसू बहा रहा है। मोदी जी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं, फिर भी कांग्रेसी एसआईआर और वोट चोरी को लेकर भ्रम और झूठ फैला रहे हैं।
विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस जहां सीट जीत जाती है या जहां उसकी सरकार बन जाती है, वहां वोट चोरी और एसआईआर पर हंगामा नहीं करती, बल्कि नए कपड़े पहनकर सरकार बनाने की शपथ लेती है। लेकिन जहां हार जाती है, वहां वोट चोरी और एसआईआर की बात करने लगती है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एसआईआर के दौरान 27 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए और यह पूरी प्रक्रिया दावा-आपत्ति के प्रावधानों के साथ संपन्न हुई। इसमें सभी उचित और सही नाम मतदाता सूची में बने रहे, जबकि बेबुनियाद और फर्जी नाम वोटर लिस्ट से बाहर हुए।
उप मुख्यमंत्री ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज भाजपा को इसलिए सड़क पर उतरना पड़ा है, क्योंकि कांग्रेस और उसके विरोधी दल बांग्लादेशी एवं अन्य घुसपैठियों को वोटर के रूप में हथियार बनाकर देश के लोकतंत्र को खतरे में डालना चाहते हैं। बांग्लादेश और नेपाल की तर्ज पर मोदी जी के खिलाफ झूठा नैरेटिव और भ्रम फैलाकर देश में अराजकता की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि क्या विपक्षी दल पिछले चुनावों के नतीजों को इन 3 करोड़ फर्जी मतदाताओं के बल पर प्रभावित करते रहे हैं? ये हिडमा जैसे नक्सली को अपना रोल मॉडल बताते हैं, जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को तोड़ने का प्रयास करने वाले लोगों को जनता समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि विदेशी ताकतों के सहयोग से अपने ही देश में बैठे घुसपैठियों और कांग्रेस के साथ मिलकर लोकतंत्र को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों के विरोध में आज हम सड़क पर उतरे हैं। विकसित देशों में शुमार होने वाले और विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में इस तरह की अराजकता निर्मित करने की साजिश रची जा रही है, जिसके कारण हमें सड़कों पर उतरना पड़ा है। जिस प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सेना ने पाकिस्तान में घुसकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, ऐसे प्रधानमंत्री के खिलाफ विपक्ष षड्यंत्र कर रहा है। लेकिन विपक्षी याद रखें कि जब तक भाजपा के कार्यकर्ता और देश की जनता मोदी जी के साथ खड़ी है, तब तक ये षड्यंत्रकारी कभी सफल नहीं होंगे।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि एसआईआर देश में 12वीं बार हुआ है, इसमें कोई नई बात नहीं है। प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक लोगों की मृत्यु होती है और घुसपैठिए इसका फायदा उठाते हैं। देश में पहली बार लॉर्ड कर्जन ने लोकतंत्र को तोड़ने का काम किया था। कांग्रेस की सरकारों ने भी कई बार ऐसा किया और आज राहुल गांधी इस देश को तोड़कर, अराजकता फैलाकर लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी कहते हैं कि नेपाल की तर्ज पर देश में लोकतंत्र को समाप्त करेंगे। कभी बैलेट की बात करते हैं तो कभी ईवीएम की बुराई करते हैं।
श्री श्रीवास्तव ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोग कान खोलकर सुन लें कि कांग्रेस अब पूरी तरह देश से साफ हो गई है और दोबारा कभी सत्ता में नहीं आने वाली। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चर्चा से दूर भागते हैं और केवल बाहर से नकारात्मक नैरेटिव बनाते रहते हैं। वे लगातार भ्रम फैलाते हैं। चुनाव आते ही झूठ का नैरेटिव तैयार करके राहुल गांधी वोट मांगते हैं, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है। भारतीय जनता पार्टी काम करती है, इसलिए जनता का अपार समर्थन मोदी जी के साथ है।
संजय श्रीवास्तव ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा—“उम्र भर ग़ालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ़ करता रहा।”
उन्होंने अंत में कहा कि विदेशी शक्तियों का सहयोग लेकर विपक्षी दल देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के खिलाफ नकारात्मक नैरेटिव और भ्रम फैलाकर किसी तरह सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं। लोकतंत्र की रक्षा और संविधान की मजबूती के लिए हमें मोदी जी को मजबूत करना पड़ेगा।
सांसद चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि देश में अराजकता की स्थिति है नहीं, बल्कि उसे जानबूझकर फैलाया जा रहा है। विपक्षी दल बेवजह हंगामा करके संसद की कार्यवाही को चलने नहीं देते और यही लोग अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर युवाओं को भ्रमित करके कांग्रेस के साथ विपक्षी दलों द्वारा अराजकता फैलाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता सर्वोपरि है और जनता आने वाले चुनावों में ऐसे कृत्यों का हिसाब जरूर करेगी। विपक्ष को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का संवैधानिक तरीका है, न कि युवाओं को भ्रमित कर अव्यवस्था पैदा करना।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं तो कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा लोकतंत्र की हत्या लगातार की जाती रही है। देश ने आपातकाल का वह काला दौर भी देखा है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलते हुए संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर प्रहार किया था। आज वही कांग्रेस लोकतंत्र की दुहाई दे रही है और एसआईआर जैसी संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
श्री सिसोदिया ने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना लोकतंत्र को मजबूत करने की आवश्यक प्रक्रिया है। किसी भी विदेशी घुसपैठिए अथवा अपात्र व्यक्ति को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर सही तथ्यों को रखेंगे और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी प्रतिबद्धता के साथ मैदान में है। जनता कांग्रेस की कथनी और करनी के अंतर को भली-भांति समझ चुकी है।
कार्यक्रम में मंच का संचालन जिला महामंत्री विनोद हर्ष एवं अरुणा सिंह ने किया। कार्यक्रम प्रभारी एवं विधायक प्रबोध मिंज ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं उपस्थित आमजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, मंडल एवं मोर्चा पदाधिकारी, बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता तथा हजारों की संख्या में आमजन उपस्थित रहे।



