समाज से बहिष्कृत कर पुनः शामिल करने के नाम पर 2 लाख की मांग, ₹1 लाख लेने वाले तत्कालीन अध्यक्ष शेखर बंजारा गिरफ्तार, वर्तमान अध्यक्ष-सचिव फरार

पत्थलगांव: जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बटुराबहार में एक व्यक्ति को समाज से बहिष्कृत करने के बाद दोबारा समाज में शामिल करने के एवज में दो लाख रुपये की अवैध मांग करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस चर्चित मामले में माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोरबा के आदेश पर कार्रवाई करते हुए पत्थलगांव पुलिस ने समाज के तत्कालीन अध्यक्ष शेखर प्रसाद बंजारा को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि इस मामले में वर्तमान अध्यक्ष और सचिव समेत अन्य आरोपी अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।
घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि प्रार्थी गोपाल बंजारा (उम्र 31 वर्ष), जो ग्राम बटुराबहार के निवासी हैं, ने माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा के न्यायालय में परिवाद पत्र प्रस्तुत किया था। प्रार्थी ने आरोप लगाया था कि उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था और जब उन्होंने दोबारा समाज में शामिल होने के लिए आवेदन किया, तो समाज के तत्कालीन अध्यक्ष शेखर प्रसाद बंजारा, सचिव महेंद्र बंजारा, वर्तमान अध्यक्ष नंदकिशोर बंजारा एवं सचिव श्यामलाल बंजारा द्वारा उनसे पैसों की भारी मांग की गई।
शिकायत के अनुसार, समाज में पुनः शामिल करने की एवज में तत्कालीन अध्यक्ष शेखर बंजारा को 2,00,000 रुपये देने की बात तय हुई थी। प्रार्थी ने इसमें से 1,00,000 रुपये की राशि 23 सितंबर 2022 को अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर करने का उल्लेख किया है। प्रार्थी ने अपने भारतीय स्टेट बैंक खाते से फोन-पे के माध्यम से 60,000 रुपये सीधे शेखर बंजारा के खाते में और अपने मित्र के इंडसइंड बैंक खाते से 40,000 रुपये ट्रांसफर किए थे। इसके बावजूद आरोपियों द्वारा दोबारा पैसों की मांग किए जाने से परेशान होकर प्रार्थी ने न्यायालय की शरण ली थी।
माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोरबा द्वारा परिवाद पर विचार करने के उपरांत थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा को अपराध दर्ज करने का निर्देश दिया गया। चूँकि घटनास्थल थाना पत्थलगांव के अंतर्गत आता था, इसलिए थाना सिविल लाइन रामपुर, कोरबा में अपराध क्रमांक 00/2026, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 61(2), 3(5) एवं नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 7(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर डायरी थाना पत्थलगांव भेजी गई। इसके बाद थाना पत्थलगांव में अपराध क्रमांक 149/2026 कायम कर मामले की विधिवत विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी व गवाहों के बयान दर्ज किए और संबंधित बैंक खातों से लेन-देन की जानकारी जुटाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए नामजद आरोपी शेखर प्रसाद बंजारा (पिता राजकुमार बंजारा, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम बटुराबहार गौटियापारा, थाना पत्थलगांव) को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी को 13 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
प्रकरण में शामिल अन्य आरोपी (वर्तमान अध्यक्ष व सचिव सहित अन्य) फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। मामले को लेकर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि समाज से बहिष्कृत कर वापसी के नाम पर अवैध धन वसूली के इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्कालीन समाज अध्यक्ष शेखर बंजारा को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि समाज के नाम पर इस तरह की अवैध वसूली करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और अन्य फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




