धान खरीदी सीजन से पहले बड़ी कार्रवाई: झारखंड से जशपुर के रास्ते बतौली ले जाया जा रहा 160 क्विंटल अवैध धान जब्त, चार गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन प्रारंभ होने वाला है, जिसे लेकर शासन और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस बीच पुलिस ने अवैध धान परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के गुमला से जशपुर के रास्ते छत्तीसगढ़ के बतौली ले जाए जा रहे 160 क्विंटल (400 बोरी) अवैध धान से भरे दो ट्रकों को जब्त किया है। जब्त किए गए धान की अनुमानित कीमत 3 लाख 79 हजार 200 रुपये है।
घोलेंग के पास पकड़े गए दो संदिग्ध ट्रक
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर जिले में दूसरे राज्यों से आने वाले संदिग्ध वाहनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में 29 अक्टूबर 2026 की रात्रि करीब 09:00 बजे सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस ने घोलेंग के पास चेकिंग के दौरान दो ट्रकों (क्रमांक CG-14-MW-3959 एवं CG-14-MW-6091) को रोका। तलाशी के दौरान दोनों ट्रकों में भारी मात्रा में धान लोड मिला। जब पुलिस ने वाहन चालकों और मालिकों से धान परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी संतोषजनक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
चार आरोपियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान पुलिस कार्य में बाधा डालने का प्रयास करने पर, पुलिस ने इस मामले में संलिप्त चार व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पकड़े गए आरोपियों में कृष्णा साहू (47 वर्ष, निवासी लक्ष्मण नगर, गुमला, झारखंड), संजय कुजूर (55 वर्ष, निवासी डंडाडीह, दुलदुला, जशपुर, छत्तीसगढ़), अभिमन्यु सिंह (36 वर्ष, निवासी रामनगर, गुमला, झारखंड) और सुमित सिंह (23 वर्ष, निवासी रामनगर, गुमला, झारखंड) शामिल हैं। इन सभी चारों आरोपियों को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि इस धान को झारखंड के गुमला से लोड कर बतौली ले जाया जा रहा था। चूंकि छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत होने वाली है, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि इस अवैध धान को छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से खपाने की तैयारी थी।
पुलिस ने जप्त किए गए धान और ट्रकों को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को सौंप दिया है। जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी सीजन के मद्देनजर बाहरी राज्यों से अवैध धान लाने वालों के खिलाफ इस तरह की सख्त जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




