शासन के प्रतिबंध के बावजूद नियम विरुद्ध स्थानांतरण और वित्तीय अनियमितता पड़ी भारी, जिला मिशन समन्वयक निलंबित, निलंबन अवधि में संयुक्त संचालक शिक्षा सरगुजा होगा मुख्यालय
अंबिकापुर ।लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयक चंद्रभूषण प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई उनके द्वारा बिना कारण बताए प्रभार परिवर्तन करने, स्थानांतरण नीति के नियमों का उल्लंघन करने, वित्तीय अनियमितता बरतने और अनुशासनहीनता के मामलों को लेकर की गई है.
आदेश के मुताबिक, चंद्रभूषण प्रसाद (मूल पद- व्याख्याता) ने कार्यालय के पूर्व आदेश को बदलते हुए 50 सीटर छात्रावास लुरगी (रामचंद्रपुर) की प्रभारी अधीक्षिका आशा पन्ना को उनके पदस्थापना में वापस भेज दिया था और प्राथ.शाला लुरगी के प्रधानपाठक निर्मला जायसवाल को बिना किसी कारण के उक्त छात्रावास की अधीक्षिका का प्रभार सौंप दिया था. इसके अलावा, छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र और वर्ष 2025 की स्थानांतरण नीति के प्रावधानों की कंडिका 4 व 3.17 के तहत स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध और संलग्नीकरण समाप्त होने के नियमों का उल्लंघन करते हुए उन्होंने कर्मचारियों का संलग्नीकरण किया, जो शासन के अधिकार का अतिक्रमण और स्वेच्छाचारितापूर्ण अनुशासनहीनता है.
संचालनालय द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि चंद्रभूषण प्रसाद द्वारा वित्तीय अनियमितता की जा रही थी तथा वे शासन के प्रति संनिष्ठ नहीं थे, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत है. परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1)(क) के तहत उन्हें निलंबित कर उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, संभाग सरगुजा नियत किया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी.



