छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बिना TET वाले शिक्षकों के लिए बड़ी खबर; दिसंबर-जनवरी में होगी विशेष सीबीटी परीक्षा, नौकरी बचाने के लिए पास करना होगा इम्तहान

रायपुर:
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में अध्यापन कार्य से जुड़े गैर-टीईटी (TET) शिक्षकों के लिए आने वाले दो महीने बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों का पालन करते हुए राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने उन सेवारत शिक्षकों के लिए एक विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित करने की रूपरेखा तैयार कर ली है, जिन्होंने अब तक यह पात्रता हासिल नहीं की है। शासन के इस कड़े रुख के बाद अब इन शिक्षकों की नौकरी और आगामी पदोन्नति पूरी तरह से इस परीक्षा को पास करने पर निर्भर करेगी। प्रस्तावित शेड्यूल के मुताबिक यह विशेष परीक्षा इसी साल दिसंबर या अगले साल जनवरी के महीने में आयोजित की जा सकती है।
मिली जानकारी के अनुसार, कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक पढ़ाने वाले वे तमाम शासकीय शिक्षक इस दायरे में आएंगे, जिनकी सेवा के अभी पांच साल या उससे अधिक का वक्त बचा हुआ है और जिनके पास टीईटी का प्रमाण पत्र नहीं है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को पर्याप्त अवसर देने के उद्देश्य से राज्य सरकार हर साल कम से कम दो बार इस विशेष परीक्षा का आयोजन करेगी।
आम तौर पर होने वाली नियमित टीईटी परीक्षाओं से हटकर इस विशेष परीक्षा का पैटर्न बिल्कुल अलग होगा। इसे पूरी तरह कंप्यूटरीकृत करने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए एक निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी की मदद ली जाएगी। परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में होगी और परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर इसे एक से अधिक पालियों (शिफ्ट) में भी संचालित किया जा सकता है। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोपरि रखते हुए सभी पालियों में प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर (डिफिकल्टी लेवल) को एक समान रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इस विशेष परीक्षा के सफल संचालन और प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) रायपुर को सौंपी गई है। परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले शिक्षकों को एससीईआरटी की तरफ से ही आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित जिला अधिकारियों और प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे एससीईआरटी द्वारा तय किए गए पाठ्यक्रम (सिलेबस) की जानकारी जल्द से जल्द गैर-टीईटी शिक्षकों तक पहुंचाएं, ताकि वे आगामी दिसंबर-जनवरी की परीक्षा के लिए अभी से अपनी तैयारी शुरू कर सकें।



