कोरिया तिहरा हत्याकांड: भाजपा नेता को फॉर्च्यूनर में जलाकर हत्या में शामिल 4 आरोपियों का मनेंद्रगढ़ थाने में सरेंडर

मनेंद्रगढ़ । कोरिया जिले के ग्राम नौगई में हुए चर्चित और वीभत्स तिहरे हत्याकांड के चार फरार आरोपियों ने घटना के पांचवें दिन एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ कोतवाली थाने में आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर करने वालों में मनोज त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी और अमन त्रिपाठी शामिल हैं। एमसीबी पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के मार्गदर्शन में चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोरिया पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि 16 जून की रात सोनहत ब्लॉक के ग्राम नौगई में एक फॉर्च्यूनर कार को घेरकर उसमें पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। सोनहत पुलिस ने इस मामले में कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 109, 190, 191(2), 191(3), 324 और 326(जी) के तहत अपराध पंजीकृत किया है।चार आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल, एक अब भी फरार
घटना के अगले ही दिन तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने चार नामजद आरोपियों— विशाल त्रिपाठी, अक्षय त्रिपाठी, महेंद्र त्रिपाठी और सत्यकुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। इसके बाद से पांच आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। शनिवार को चार मुख्य आरोपियों के सरेंडर करने के बाद अब इस मामले में केवल एक आरोपी गौरव त्रिपाठी की गिरफ्तारी शेष है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।
इस खूनी संघर्ष में महलपारा (बैकुंठपुर) निवासी भाजपा नेता और सोनहत के पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह (56), वीरेंद्र सिंह (28) और नागेंद्र सिंह (54) की मौत हो गई थी। वहीं हमले में बुरी तरह जख्मी योगेंद्र सिंह और मयंक सिंह की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिनका उपचार रायपुर के एक चिकित्सालय में में चल रहा है।
इस पूरे विवाद की जड़ में रेत परिवहन और वर्चस्व की लड़ाई सामने आई है। मृतक भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह क्षेत्र के कद्दावर नेता थे, जो पूर्व में रामचंद्र सिंहदेव और वर्तमान में विधायक भैयालाल राजवाड़े के करीबी रहे थे। करीब आठ महीने पहले उनके एक परिजन को चिरमिरी रेत घाट का ठेका मिला था, जिसके बाद अन्य घाटों से निकलने वाले रेत वाहनों से अवैध वसूली की बातें सामने आ रही थीं। दूसरी तरफ, भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के करीबी माने जाने वाले मनोज त्रिपाठी के वाहन भी इसी व्यवसाय में लगे थे, जिससे दोनों पक्षों के बीच विवाद गहराता चला गया
घटना वाले दिन यानी 16 जून की शाम को इसी विवाद के चलते मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी के साथ भरत सिंह के पक्ष के कुछ युवाओं ने मारपीट की थी, जिसकी प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद उसी रात आपसी समझौते की बात करने के लिए भरत सिंह अपने साथियों के साथ दो गाड़ियों में सवार होकर नौगई स्थित मनोज त्रिपाठी के निवास के पास पहुंचे थे।
आरोप है कि वहां पहले से घात लगाए बैठे विपक्षी दल ने भारी वाहनों (टिपर) की मदद से उनकी गाड़ियों को दोनों तरफ से ब्लॉक कर दिया। इसके बाद फंसा और धारदार हथियारों से हमला करने के साथ ही फॉर्च्यूनर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। इस भीषण हमले में भरत सिंह और उनके चचेरे भाई नागेंद्र सिंह की कार के भीतर जलने से मौत हो गई, जबकि वीरेंद्र सिंह पर धारदार हथियार से जानलेवा वार किया गया था। इस जघन्य वारदात के बाद से स्थानीय प्रशासन और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।




