कोरिया में तिहरे हत्याकांड के बाद बैकुंठपुर और नौगई समेत कई इलाकों में धारा 163 लागू, हथियारों व प्रदर्शनों पर रोक…
बैकुंठपुर । छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुए एक भयानक विवाद में भाजपा नेता सहित तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया है। इस तिहरे हत्याकांड के बाद उपजे भारी जनाक्रोश को नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा संभावित उपद्रव को रोकने के लिए जिला दंडाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

इस आदेश के तहत महलपारा बैकुंठपुर, ग्राम नौगई और मृतक लल्ला सिंह उर्फ भरत सिंह के कटगोड़ी स्थित केशर प्लांट एरिया के आसपास के चिन्हित विवादित क्षेत्रों और परिसरों के तीन सौ मीटर के दायरे में किसी भी व्यक्ति, राजनैतिक दल या कर्मचारी संघ द्वारा बंदूक, राइफल, पिस्टल, भाला, बल्लम, लाठी अथवा किसी भी प्रकार के घातक अस्त्र-शस्त्र और विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही इस निर्धारित परिधि के भीतर किसी भी प्रकार के जुलूस, धरना-प्रदर्शन, आमसभा आयोजित करने, आपत्तिजनक नारे लगाने और शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले पोस्टर बांटने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी, हालांकि यह प्रतिबंध ड्यूटी पर तैनात उन शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जिन्हें अपने कार्य संपादन के लिए लाठी या शस्त्र रखना अनिवार्य है।
इस प्रशासनिक प्रतिबंध की पृष्ठभूमि में एक बेहद खूनी वारदात शामिल है, जिसके अनुसार सोनहत थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नौगई में पुरानी रंजिश को लेकर भाजपा नेता और क्षेत्र के दबंग लल्ला सिंह उर्फ भरत कुमार सिंह की फॉर्च्यूनर गाड़ी में आग लगा दी गई। पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के अनुसार यह पूरी वारदात उस समय घटित हुई जब लल्ला सिंह उर्फ भरत कुमार सिंह अपने साथियों योगेन्द्र सिंह, विरेन्द्र सिंह, मयंक सिंह एवं नागेन्द्र सिंह के साथ रात के करीब साढ़े दस बजे मनोज त्रिपाठी के घर के सामने पहुंचे थे, जहां पुरानी दुश्मनी को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ा कि मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी और उनके अन्य साथियों ने मिलकर लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया और फिर सभी पर लाठी-डंडों व घातक हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में लल्ला सिंह उर्फ भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल नागेन्द्र सिंह और विरेन्द्र सिंह ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तिहरे हत्याकांड के बाद से ही मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है, जिससे इलाके में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था और परिजनों द्वारा लोक शांति भंग करने की पूर्ण आशंका बन गई थी। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस आदेश की प्रतियां गृह विभाग, कमिश्नर और आईजी सहित स्थानीय पुलिस प्रशासन, एसडीएम और थाना प्रभारियों को भेजकर अलर्ट रहने और उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।





