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मौसम विभाग का अलर्ट: 28 से 30 अक्टूबर और 2 से 3 नवंबर के बीच छत्तीसगढ़ में होगी तेज बारिश, चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण बदला मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को जारी विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान “अर्नब” आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से टकराकर देश के विभिन्न राज्यों के मौसम को गहराई से प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में 28 से 30 अक्टूबर तथा 2 से 3 नवंबर के दौरान कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान की संभावना जताई है। यह चक्रवाती तूफान आज 28 अक्टूबर को भारतीय मानक समय के अनुसार तड़के 02:00 बजे से सुबह 08:00 बजे के बीच यनम के दक्षिण-पश्चिम (अक्षांश 16.45°N और देशांतर 81.9°E) के पास तट को पार कर गया। लैंडफॉल के समय हवा की अधिकतम निरंतर गति 125 से 135 किमी प्रति घंटा रही, जो झोंकों के साथ 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई। तट टकराने की प्रक्रिया सुबह 08:00 बजे तक पूरी होने के बाद यह प्रणाली नरसपुर से 20 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व और काकीनाडा से 60 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित थी। अगले 48 घंटों में इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होकर अगले 6 घंटों में चक्रवाती तूफान तथा उसके बाद के 6 घंटों में गहन अवदाब में बदलने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण अंडमान सागर में चक्रवाती परिसंचरण से अगले 24 घंटों में निम्न दाब बनने, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण और जम्मू व आसपास के क्षेत्रों में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से संपूर्ण देश में व्यापक मौसमी बदलाव आया है।
मध्य भारत और छत्तीसगढ़ के परिदृश्य पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ में 28 से 30 अक्टूबर तथा 2 से 3 नवंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर व्यापक वर्षा दर्ज की जाएगी, जबकि 31 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच छिटपुट बारिश होने के आसार हैं। विशेष रूप से 28 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों के साथ हवा की गति 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने वाला चक्रवाती तूफान आने की चेतावनी जारी की गई है। इसके अतिरिक्त 29 अक्टूबर को भी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विदर्भ में 28 अक्टूबर को भारी बारिश और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 व 29 अक्टूबर को गरज-चमक तथा भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में इस चक्रवात का सबसे तीव्र प्रभाव देखा जा रहा है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और ओडिशा में पिछले 24 घंटों के दौरान 21 सेमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, कोनासीमा, कृष्णा और बापटला जिलों में 110 से 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जो झोंकों के साथ 130 किमी प्रति घंटा तक पहुंचीं। 28 अक्टूबर की शाम तक इनकी गति घटकर 70-80 किमी प्रति घंटा और रात तक 50-60 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर तथा उत्तर-पूर्वी तेलंगाना के खम्मम, भद्राद्री कोठागुडेम, मुलुगु और महबूबाबाद जिलों में 28 अक्टूबर की रात तक 60 से 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों के 80 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। प्रायद्वीपीय भारत के रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप, कर्नाटक और तेलंगाना में 28 अक्टूबर से 3 नवंबर के दौरान मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी चक्रवात और मौसमी प्रणालियों के असर से मौसम खराब रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा में 28 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच विभिन्न चरणों में काफी व्यापक बारिश होने की संभावना है। 28 अक्टूबर को ओडिशा में अत्यधिक भारी बारिश तथा 29 अक्टूबर को झारखंड व ओडिशा में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 28 और 29 अक्टूबर को झारखंड में 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली आंधी चलने के आसार हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में 28 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच कई स्थानों पर बिजली कड़कने और भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
उत्तर-पश्चिम और पश्चिमी भारत में भी चक्रवाती प्रभाव तथा पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर से मौसम में बड़ा बदलाव आ रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 29 और 30 अक्टूबर को व्यापक वर्षा की संभावना है। 29 और 30 अक्टूबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में तेज आंधी, 50 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि (हाइलाइटेड ओला वृष्टि) होने की प्रबल आशंका व्यक्त की गई है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और आंधी का असर बना रहेगा। पश्चिमी भारत के कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में 28 से 31 अक्टूबर के बीच छिटपुट स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली की चमक के साथ बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।
समुद्री सुरक्षा, तूफानी लहरों और मछुआरों के लिए जारी विशेष चेतावनियों के तहत खगोलीय ज्वार के स्तर से लगभग 1.0 मीटर ऊंची तूफानी लहरों (स्टॉर्म सर्ज) के कारण आंध्र प्रदेश के निचले तटीय क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जो अगले 6 घंटों तक 0.5 से 1.0 मीटर तक बनी रह सकती है। आंध्र प्रदेश, यनम, दक्षिण ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के तटीय समुद्र में स्थिति अत्यंत खराब रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से मछुआरों को 28 अक्टूबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश व ओडिशा के तटों, 28-29 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी व पश्चिम बंगाल के तटों और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों के पास समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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