कागज की गड्डियों से 8.50 लाख की ठगी: शेयर में पैसा डबल करने का झांसा देने वाला आरोपी गिरफ्तार..

सूरजपुर: शेयर बाजार और करेंसी में निवेश के नाम पर रकम को कुछ ही दिनों में दोगुना करने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक और शातिर आरोपी को चौकी रेवटी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी ठगी के बाद पीड़ित को असली नोटों की जगह सादे कागजों को नोट के आकार में काटकर और खाकी रंग के पेपर से पैक कर थमा देते थे।
घटना की शुरुआत 27 फरवरी 2023 को हुई थी, जब गोवर्धनपुर निवासी सुनील पाण्डेय की किराना दुकान पर तीन अज्ञात व्यक्ति स्विफ्ट डिजायर कार से आए थे। आरोपियों ने खुद को शेयर करेंसी का काम करने वाला बताकर प्रार्थी को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा कुछ ही दिनों में दोगुना हो जाएगा। लालच में आकर प्रार्थी ने पहले 10,000 रुपये दिए, जिसके अगले दिन उन्हें 20,000 रुपये वापस लौटाकर पूरा विश्वास जीत लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने 10 लाख रुपये तक निवेश करने पर 2 से 4 दिन में रकम दोगुना करने का झांसा दिया, जिसके चक्कर में आकर प्रार्थी ने 8 लाख 50 हजार रुपये की व्यवस्था की।
घटना के दिन आरोपी प्रार्थी की दुकान पर पहुंचे और 8 लाख 50 हजार रुपये नगद ले लिए। इसके बाद उन्होंने खाकी रंग के प्लास्टिक से लिपटा एक पैकेट थमा दिया और कहा कि इसमें 17 लाख रुपये हैं, इसे बिना खोले सुरक्षित रख लो। जब काफी देर तक आरोपी वापस नहीं लौटे और उनके फोन स्विच ऑफ मिले, तो प्रार्थी ने उस पैकेट को खोला। पैकेट के अंदर असली नोटों की जगह सादे कागजों को नोट के आकार में काटकर और खाकी रंग के कागज से गड्डी बनाकर पैक किया गया था, तब प्रार्थी को अपने साथ हुई बड़ी ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस ने नई तकनीकी और मोबाइल नंबर के आधार पर जांच की, तो सामने आया कि आरोपियों ने वाराणसी के एक मोबाइल दुकानदार (अमरेश मिश्रा) से फर्जी तरीके से सिम कार्ड हासिल किया था। पुलिस ने पूर्व में आरोपी अमरेश मिश्रा और राजेश सिंह को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त की गई थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सूरजपुर के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बिहार के कैमूर जिले में दबिश दी और तीसरे आरोपी शाहजाद अंसारी को भी धर दबोचा। आरोपी ने पूछताछ में अपने साथियों के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है, और पुलिस इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।



