अम्बिकापुर

अंबिकापुर : संदीप अग्रवाल आत्महत्या का मामला, सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी गिरफ्तार..

अम्बिकापुर । अम्बिकापुर के चर्चित संदीप अग्रवाल सुसाइड केस में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी पंकज चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अत्यधिक ब्याज वसूलने, प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली पुलिस द्वारा दर्ज मर्ग क्रमांक 44/2026 (धारा 194 बीएनएसएस) की विस्तृत जांच के दौरान पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे। मृतक संदीप अग्रवाल के पास से मिले सुसाइड नोट, गवाहों और परिजनों के बयानों से यह साफ हुआ कि आरोपी पंकज चौधरी मृतक को लगातार प्रताड़ित कर रहा था।
पुलिस ने जब मृतक के मोबाइल फोन और बैंक खातों के ट्रांजेक्शन स्टेटमेंट की तकनीकी जांच की, तो पता चला कि दोनों के बीच पैसों का बड़ा लेन-देन था। आरोपी पंकज चौधरी, संदीप अग्रवाल को बहुत ऊंची ब्याज दरों पर पैसे देता था। ब्याज और मूल रकम समय पर वापस न मिलने पर वह संदीप को जान से मारने की धमकियां दे रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि मृतक संदीप अग्रवाल ने अपनी मौत से पहले अपने पिता और पत्नी को भी पंकज चौधरी द्वारा दी जा रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना के बारे में बताया था। लगातार मिल रही धमकियों और कर्ज के इस जाल से परेशान होकर आखिरकार संदीप ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी पंकज चौधरी के खिलाफ अपराध क्रमांक 487/2026, धारा 108, 351(3) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) एवं धारा 4 (कर्जा एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस की टीम ने दबिश देकर आरोपी पंकज चौधरी (पिता सकलदीप चौधरी, उम्र 50 वर्ष, निवासी राजेंद्र वार्ड, दर्रीपारा, थाना मणिपुर, अम्बिकापुर) को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी पहले पुलिस को गोल-मोल जवाब देकर गुमराह करने की कोशिश करता रहा और उसने मेमोरेंडम कथन देने से भी इनकार कर दिया। हालांकि, पुलिस की सख्ती के आगे उसकी एक न चली। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा ह

इस पूरी कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक अम्बिकापुर राहुल बंसल के नेतृत्व में कोतवाली थाने से उप निरीक्षक के.के. यादव, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह, आरक्षक मंटुलाल गुप्ता और शिव राजवाड़े की विशेष व सक्रिय भूमिका रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button