शिक्षा

NEET-UG 2026 पेपर लीक: CBI का बड़ा खुलासा, कोचिंग संचालक ने NTA पैनलिस्ट को दिए थे 5 लाख..

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे इसमें बेहद चौंकाने वाले मोड़ सामने आ रहे हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत में आरोपी की जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए एक और सनसनीखेज खुलासा किया है। CBI ने कोर्ट को बताया कि लातूर के चर्चित कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने परीक्षा से पहले केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का पेपर हासिल करने के लिए बकायदा 5 लाख रुपये की रिश्वत दी थी।

5 लाख में हुआ था सौदा, NTA पैनलिस्ट ही निकला मास्टरमाइंड

जांच एजेंसी द्वारा अदालत में दाखिल किए गए जवाब के मुताबिक, ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेज’ के संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची थी। उसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के उस वीआईपी पैनलिस्ट और अनुवादक पी. वी. कुलकर्णी से सीधे संपर्क साधा, जो NEET-UG का प्रश्नपत्र तैयार करने वाली मुख्य टीम का हिस्सा था। इस लीक प्रश्नपत्र को हासिल करने के लिए मोटेगांवकर ने कुलकर्णी को 5 लाख रुपये का भुगतान किया था।

CBI ने गिरोह के काम करने के तरीके (Modus O
perandi) का भंडाफोड़ करते हुए बताया कि शिवराज मोटेगांवकर का बेटा बकायदा आरोपी पी. वी. कुलकर्णी की स्पेशल केमिस्ट्री ट्यूटोरियल क्लासेस में जाता था। इसी क्लास की आड़ में लीक किए गए प्रश्न उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद शिवराज मोटेगांवकर ने उन लीक सवालों को अपनी खुद की लिखावट (Handwriting) में डायरी या पन्नों पर उतारा और उनके हस्तलिखित नोट्स तैयार किए।

मेटाडेटा विश्लेषण ने खोली पोल: 10 दिन पहले खींची गई थीं तस्वीरें

CBI ने शिवराज मोटेगांवकर का मोबाइल फोन जब्त कर जब उसकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की, तो उसमें 36 तस्वीरें (5 डुप्लिकेट सहित) बरामद हुईं, जिनमें 132 हस्तलिखित प्रश्न साफ नजर आ रहे थे। जब इन तस्वीरों का ‘मेटाडेटा विश्लेषण’ (तस्वीर खींचने का डिजिटल समय और तारीख) किया गया, तो यह बात शीशे की तरह साफ हो गई कि ये तस्वीरें 3 मई को होने वाली मुख्य परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही मोबाइल कैमरे से खींच ली गई थीं।
जब इन हस्तलिखित सवालों का NTA के मूल ‘मास्टर प्रश्न सेट’ से मिलान किया गया, तो 111 प्रश्न हूबहू वही पाए गए, जो परीक्षा में आने वाले थे।

अब तक 13 आरोपी सलाखों के पीछे

CBI ने अदालत को अवगत कराया कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इस रैकेट के खिलाफ शिकंजा पूरी तरह कस चुका है। इस पूरे मामले में अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों से शिक्षकों और छात्रों समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और ये सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत (जेल) में बंद हैं। यही वजह है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI ने कोर्ट से किसी भी आरोपी को जमानत न देने की अपील की है।

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