12 साल की मासूम को घर में जबरदस्ती रोककर कराया जा रहा था काम, घर जाने से रोकने पर तंग आकर बच्ची ने दी जान, मकान मालिक गिरफ्तार

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के थाना भटगांव क्षेत्र में एक 12 वर्षीय नाबालिग बालिका को जबरन घर में रोककर काम कराने और बार-बार घर जाने की जिद करने पर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। इस अमानवीय प्रताड़ना से तंग आकर मासूम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
परिजनों की असंतुष्टि और दोबारा हुआ पोस्टमार्टम
घटना के बाद 01 सितंबर 2026 को मृतका के शव को सुरक्षित भटगांव के एसईसीएल अस्पताल की मरच्यूरी में रखवाया गया था। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जरही की उपस्थिति में शव का पंचनामा कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव के डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराया गया था।
हालांकि, पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृतिका के परिजन संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। परिजनों के ऐतराज को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले में उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की और मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के डॉक्टरों की विशेष टीम से मृतिका के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया, जिससे सच्चाई सामने लाने में मदद मिली।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर की गई सूक्ष्म जांच, घटनास्थल के निरीक्षण, जप्ती, और गवाहों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि मृतिका लगातार श्रवण कुमार से अपने घर जाने की बात कहती थी। इसके बावजूद आरोपी उसे घर नहीं भेजता था और जबरन अपने घर में रखकर काम करवाता था। इस गंभीर दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के कारण बच्ची চরম मानसिक तनाव में थी, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
मर्ग जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी श्रवण कुमार (पिता स्व. रामखेलावन, उम्र 67 वर्ष, निवासी ग्राम कोरन्धा सरनापारा शांतिनगर, थाना भटगांव) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 107, जे.जे. एक्ट की धारा 75, बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम की धारा 14 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(ट) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। थाना भटगांव पुलिस ने विवेचना के उपरांत दिनांक 07 सितंबर 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।



