अंबिकापुर: वासेपुर हत्याकांड के आरोपी को मोमिनपुरा मस्जिद के पास पुलिस पर हमला कर कस्टडी से छुड़ाने वाली भीड़ पर एक्शन, 2 गिरफ्तार अन्य आरोपी फरार

अंबिकापुर । कोतवाली थाना क्षेत्र में शासकीय कार्य में बाधा डालने, पुलिस टीम पर हमला करने और कस्टडी से एक वारंटी को जबरन छुड़ाकर भगाने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत वासेपुर में हुए एक हत्याकांड के वारंटी को पकड़ने आई धनबाद पुलिस की टीम पर अंबिकापुर के मोमिनपुरा मस्जिद के पास उग्र भीड़ ने सामूहिक बल प्रयोग करते हुए हमला कर दिया और आरोपी को छुड़ाकर फरार करा दिया। इस मामले में कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर की कोतवाली पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा और बलवा सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य वारंटी और अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
वासेपुर हत्याकांड का आरोपी अंबिकापुर में छिपा था
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत बरोरा थाना प्रभारी (उप निरीक्षक) अभय कुमार को पुख्ता मुखबिर सूचना मिली थी कि धनबाद (बैंकमोड़) के एक हत्याकांड का वारंटी अभियुक्त साबिर आलम (पिता सालार आलम, निवासी कमर मखदूमी रोड, वासेपुर, जिला धनबाद) अपनी पहचान छिपाकर अंबिकापुर के मोमिनपुरा क्षेत्र में गुप्त रूप से रह रहा है। इस संवेदनशील मामले में वारंट तामिली और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए धनबाद पुलिस की एक टीम दिनांक 29 जून 2026 को सुबह लगभग 08:00 बजे अंबिकापुर पहुंची थी।
मस्जिद के पास पुलिस ने कस्टडी में लिया, आरोपी ने आवाज देकर बुलाई भीड़
कोतवाली पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, मोमिनपुरा मस्जिद के पास धनबाद पुलिस की टीम ने स्थानीय स्तर पर घेराबंदी की। इसी दौरान स्कूटी से आते एक व्यक्ति को रोका गया, जिसकी पहचान वारंटी साबिर आलम के रूप में पुख्ता हुई। पुलिस टीम ने तुरंत कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी साबिर आलम को अपनी वैधानिक अभिरक्षा (कस्टडी) में ले लिया।
जैसे ही आरोपी साबिर आलम को पुलिस ने कस्टडी में लिया, उसने पुलिस टीम का विरोध करना शुरू कर दिया और खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाकर स्थानीय लोगों को आवाज देने लगा। आरोपी की आवाज सुनकर मस्जिद के आसपास मौजूद भारी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
भीड़ ने किया सामूहिक बल प्रयोग, पुलिस हिरासत से आरोपी फरार
मौके पर इकट्ठा हुई भीड़ ने तुरंत उग्र रूप धारण कर लिया। भीड़ में शामिल जुनैद खान, मोहम्मद जाहिद खान और उनके अन्य साथियों ने कानून को हाथ में लेते हुए धनबाद पुलिस की टीम को चारों तरफ से घेर लिया। इन लोगों ने पुलिस टीम के साथ झूमाझटकी और धक्का-मुक्की करते हुए भारी विवाद की स्थिति उत्पन्न कर दी। इसी अफरा-तफरी और सामूहिक बल प्रयोग का फायदा उठाकर उग्र भीड़ ने धनबाद पुलिस की वैध अभिरक्षा से वारंटी साबिर आलम को जबरन छुड़ा लिया और उसे मौके से भगा दिया। आरोपी के फरार होते ही पुलिस को घेरने वाले अन्य अज्ञात हमलावर भी भीड़ के साथ तेजी से घटनास्थल से नौ-दो-ग्यारह हो गए।
अंबिकापुर कोतवाली पुलिस की सख्त कार्रवाई, वीडियो कॉल से हुई शिनाख्त
इस गंभीर वारदात के बाद पीड़ित उप निरीक्षक अभय कुमार की लिखित रिपोर्ट पर अंबिकापुर के कोतवाली थाने में **अपराध क्रमांक 438/26 दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 132, 126(2), 296(बी), 351(3), 263(ई), 352 और 3(5) के तहत गंभीर धाराओं में मामला पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया और बरोरा थाना प्रभारी अभय कुमार से वीडियो कॉल तथा व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क साधा। वीडियो कॉलिंग के जरिए घटनास्थल पर मौजूद और पुलिस कस्टडी का विरोध करने वाले संदिग्धों के चेहरे दिखाए गए, जिसमें प्रार्थी द्वारा दो मुख्य आरोपियों की स्पष्ट पहचान व पुष्टि की गई।
वीडियो कॉल से पहचान सुनिश्चित होने के बाद कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दबिश दी और घटना में शामिल मुख्य आरोपी जुनैद खान (उम्र 30 वर्ष, पिता मोहम्मद जाहिद खान) तथा दूसरे आरोपी मोहम्मद जाहिद खान (उम्र 59 वर्ष, पिता मोहम्मद अयुब खान), दोनों निवासी नया बस्ती हबीबनगर, अंबिकापुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
इस पूरी सफल और त्वरित कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक अदीप प्रताप सिंह, सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय और स्थानीय साइबर टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अग्रिम वैधानिक विवेचना जारी है। वारदात में शामिल मुख्य वारंटी साबिर आलम और पुलिस पर हमला करने वाले अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल और पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




