बलरामपुर

कूटरचित दस्तावेजों से छत्तीसगढ़ का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर सेंट्रल फोर्सेज में अवैध तरीके से भर्ती होने का मामला छत्तीसगढ़ का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, प्रति व्यक्ति वसूले जाते थे 3 से 4 लाख रुपये

बलरामपुर । छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की कोतवाली पुलिस ने जाली दस्तावेजों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य का स्थानीय निवास प्रमाण पत्र बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बाहरी राज्यों के युवाओं से मोटी रकम लेकर फर्जी निवास प्रमाण पत्र तैयार कराता था, ताकि वे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की भर्ती में छत्तीसगढ़ राज्य के कम कट-ऑफ का अवैध लाभ उठाकर नौकरी हासिल कर सकें। इस गिरोह ने डोंगरगढ़ और बलरामपुर सहित विभिन्न तहसीलों के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था।
बलरामपुर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दिनांक 28/04/2026 को तहसीलदार बलरामपुर के द्वारा लिखित शिकायत आवेदन थाना बलरामपुर में प्रस्तुत की गई थी जिसमे तहसीलदार बलरामपुर के द्वारा लेख किया गया था कि 204 कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ, करनपुर जगदलपुर में पदस्थ कांस्टेबल सुमित पिता अचल सिंह के द्वारा तहसील कार्यालय बलरामपुर से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से विशाल सोनी पिता स्व. सुरेश सोनी के शैक्षणिक दस्तावेजों तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों में कुटरचना कर सुमित पिता अचल सिंह के नाम का उल्लेख कर स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र हेतु ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करवाया गया है। तहसीलदार बलरामपुर द्वारा प्रस्तुत शिकायत आवेदन की जाँच पर आरोपी सुमित पिता अचल सिंह निवासी ग्राम रूँध थाना मनिया जिला धौलपुर राजस्थान एवं अन्य आरोपी के विरुद्ध थाना बलरामपुर में अपराध क्रमांक 78/2026 धारा 318(2), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2)(a) बीएनएस एवं 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। प्रकरण की विवेचना ले दौरान दिनांक 14/05/2026 को आरोपी सुमित पिता अचल सिंह निवासी ग्राम रुंध जिला धौलपुर राजस्थान जो कि छत्तीसगढ़ राज्य के कोटे का अवैध लाभ लेकर वर्ष 2023 में सीआरपीएफ में एसएससी के माध्यम से भर्ती हुआ था को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। प्रकरण की अग्रिम विवेचना पर फर्जी तरीके से छत्तीसगढ़ के ग़ैर निवासी व्यक्तियों द्वारा केंद्रीय भर्ती में छत्तीसगढ़ राज्य का निवास प्रमाण पत्र पत्र प्रस्तुत कर अवैध लाभ प्राप्त करने के में मुख्य अभियुक्त जिनके द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाकर ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से छत्तीसगढ़के विभिन्न स्थानों से निवास प्रमाण पत्र जारी करवाने वाले मुख्य अभियुक्त विवेक सिंह तोमर पिता रामसिया सिंह तोमर उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम खांद का पुरा थाना अंबा जिला मोरेना मध्यप्रदेश एवं सहआरोपी आकाश सिंह पिता रामानंद शर्मा उम्र 22 वर्ष निवासी चांद का पुरा थाना अंबा जिला मोरेना मध्यप्रदेश को दिनांक 22/05/2026 को रायपुर से अभिरक्षा में लेकर थाना बलरामपुर लाया गया एवं विवेचना पर आरोपीगण के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर दिनांक 23/05/2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। विवेचना के दौरान पाया गया कि आरोपी विवेक सिंह तोमर के द्वारा स्वयं का भी डोंगरगढ़ से फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके छत्तीसगढ़ राज्य का निवास प्रमाण पत्र बनवाया गया है। साथ आकाश शर्मा के द्वारा अपना नाम बदलकर तुकेश्वर पिता भोजराम निवासी पुलिस लाइन के पीछे बलरामपुर के नाम से फर्जी आधार कार्ड, पेन कार्ड, एवं दीपक चौरसिया निवासी बलरामपुर के शैक्षणिक दस्त्वेजों में छेड़छाड़ कर तूकेश्वर पिता भोजराज का नाम जोड़कर तहसील कार्यालय बलरामपुर से निवासी प्रमाण पत्र बनवाया जाना पाया गया। प्रकरण के अग्रिम विवेचना में दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर छत्तीसगढ़ के अलग अलग कई तहसील कार्यालय में ऑनलाइन एप्लीकेशन जमा कर अवैध तरीके से स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र बनवाने वाले आरोपी ओमप्रकाश चंद्रवंशी पिता गौतम लाल चंद्रवंशी उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम सीतागोटा थाना बाघनदी जिला राजनांदगांव का पतातलाश कर दिनांक 27/05/2026 को राजनंदगांव से अभिरक्षा में लेकर थाना बलरामपुर लाया गया जिससे घटना के संबंध में पूछताछ करने पर बताया कि प्रकरण के आरोपी विवेक सिंह तोमर के द्वारा इनके पास छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर के अलग अलग व्यक्तियों के नाम से छत्तीसगढ़ राज्य का स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए काम दिया जाता था फिर प्रति व्यक्ति के हिसाब से 4-5 हज़ार रुपये लेकर इनके द्वारा ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल में सिटीजन आइडी बनाकर आवश्यकतानुसार अलग अलग व्यक्तियों के दस्तावेज डाउनलोड करके उसमें एडिट करके जिनके नाम से प्रमाण पत्र बनवाना हो उनका नाम ऐड करके ऑनलाइन आवेदन जमा कर स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करवा लिया जाता था। आरोपी के कब्जे से घटना में उपयोग किए गए कंप्यूटर सिस्टम जप्त किया गया है। आरोपी विवेक सिंह तोमर के द्वारा एक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रति व्यक्ति 3-4 लाख रुपये प्राप्त किया गया है।*

प्रकरण की विवेचना पर पाया गया कि केंद्रीय पुलिस बल की भर्ती में छत्तीसगढ़ राज्य का कट ऑफ अन्य राज्यों की तुलना में कम रहने के कारण अन्य राज्य के व्यक्ति अवैध लाभ प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का फर्जी तरीके से निवास प्रमाण पत्र बनवाकर केंद्रीय पुलिस बल में भर्ती हुए है अथवा भर्ती होने का प्रयास किया जा रहा है। विवेचना के दौरान पाया गया कि बलरामपुर तहसील कार्यालय के अतिरिक्त तहसील कार्यालय डोंगरगढ़ से ऐसे लगभग 20-25 स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र जारी करवाया गया है जिसका उपयोग कर छत्तीसगढ़ राज्य के कई ग़ैर निवासी केंद्रीय आर्म्स पुलिस बल जैसे सीआरपीएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ में भर्ती हुए है जिसकी पतासाजी कर संबंधित इकाई में पत्राचार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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