अंबिकापुर पटाखा गोदाम अग्निकांड: केस दर्ज करने में लापरवाही पर आईजी सख्त, गंभीर धाराएं न लगाने पर सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल को नोटिस जारी करके मांगा जवाब
अंबिकापुर के ब्रम्हपारा में हुए भीषण पटाखा गोदाम में लगी आग कांड में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने कड़ा रुख अपनाया है। आईजी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार सरगुजा जिला के पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल को इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह कार्रवाई घने आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पटाखा दुकान और गोदाम में हुए धमाके के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के दौरान बरती गई गंभीर लापरवाही के चलते की गई है।
जांच में यह पाया गया कि 23 अप्रैल 2026 को ब्रम्हपारा के घनी आबादी वाले क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर वेल्डिंग कार्य कराया जा रहा था जिससे निकली चिंगारी के कारण भारी मात्रा में रखे विस्फोटक पदार्थों में आग लग गई थी। इस घटना से आसपास के कई मकानों और लोगों को बहुत बड़ा नुकसान हुआ था। पुलिस ने 26 अप्रैल को थाना अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 259/2026 दर्ज किया था लेकिन इसमें बीएनएस की धारा 324 और 326(छ) के साथ-साथ विस्फोटक अधिनियम 1984 की धारा 09(ख) को नहीं जोड़ा गया था।
पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की कायमी में लापरवाही बरती गई है और अधिकारियों ने अपने पदीय कर्तव्यों का उचित पालन नहीं किया है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि थाना प्रभारी और कायमीकर्ता अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर नगर पुलिस अधीक्षक की टीप सहित सात दिनों के भीतर आईजी कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही आईजी ने आदेश दिया है कि प्रकरण में तत्काल उक्त कड़ी धाराओं को जोड़कर आगे की विवेचना कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो सके।






