सद्भावना चौक में महिला की नृशंस हत्या का खुलासा: वारदात को अंजाम देने वाला इनामी आरोपी चिरमिरी से गिरफ्तार…

अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ने सद्भावना चौक रिंग रोड के पास हुई महिला की जघन्य हत्या के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी छोटू उर्फ मिथुन उर्फ राम सिंह (30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है, जो मूलतः सूरजपुर जिले के मकनपुर, प्रतापपुर का निवासी है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए आईजी और एसएसपी द्वारा आरोपी पर कुल 35 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। वारदात की मुख्य वजह अवैध संबंधों का संदेह और आपसी विवाद बताया जा रहा है।
झाला में मिला था महिला का लहूलुहान शव
घटना का खुलासा 3 अप्रैल 2026 को हुआ, जब कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि सद्भावना चौक स्थित मछली दुकान के एक ‘झाला’ (अस्थायी झोपड़ी) में महिला का खून से लथपथ शव पड़ा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीआईजी और एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल ने तत्काल मौके का जायजा लिया। मृतिका की पहचान और आरोपी की तलाश के लिए साइबर सेल समेत कुल चार विशेष टीमों का गठन किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने धारा 64(2) और 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
शक और आपसी विवाद में हुई जघन्य वारदात
पुलिस पूछताछ में आरोपी मिथुन ने बताया कि वह पिछले करीब 7 सालों से अंबिकापुर में मजदूरी और कचरा बीनने का काम करता था, जहाँ उसकी मुलाकात पीड़िता से हुई थी। दोनों साथ रहने लगे थे, लेकिन कुछ समय से आरोपी को संदेह था कि महिला का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध है। 2 अप्रैल की रात शराब पीने के बाद इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ। आरोपी ने पहले महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया और फिर मुक्के व लातों से पीट-पीटकर उसकी नृशंस हत्या कर दी।
गिरफ्तारी से बचने के लिए पैदल और ट्रेन से तय किया लंबा सफर
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा। वह समलाया मंदिर, चांदनी चौक और प्रतापपुर नाका होते हुए अंबिकापुर रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां से वह पटरियों के सहारे पैदल चलते हुए कमलपुर के रास्ते विश्रामपुर पहुंचा। विश्रामपुर से उसने ट्रेन पकड़ी और नागपुर भाग गया। नागपुर में कुछ समय बिताने के बाद वह सवारी जीप के जरिए चिरमिरी पहुंचा और वहां छिपकर रहने लगा। आरोपी की मां चिरमिरी में रहती है और वह बीमार थी, जब आरोपी अस्पताल परिसर के पास अपनी मां का हालचाल जानने पहुंचा, तभी पुलिस ने उसे घेराबंदी कर धर दबोचा।
पुलिस टीम की तत्परता से मिली सफलता
आरोपी की गिरफ्तारी में आईजी दीपक झा और एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा और चिरमिरी पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना के वक्त पहने हुए कपड़े भी बरामद किए हैं। इस पूरी कार्यवाही में सरगुजा और चिरमिरी पुलिस के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिससे इतने बड़े इनामी अपराधी को सलाखों के पीछे भेजा जा सका।


