विष्णु देव साय मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न: छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल का नए कर्मचारी चयन मण्डल में विलय, सहित लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद पूर्व में कार्यरत छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल का विलय अब इस नए कर्मचारी चयन मण्डल में कर दिया गया है। इस निर्णय के साथ ही व्यावसायिक परीक्षा मण्डल की सभी संपत्तियां और देनदारियां भी आधिकारिक तौर पर नए मण्डल के अधीन स्थानांतरित हो गई हैं।
बैठक में राज्य के विकास और अवसंरचना को गति देने के लिए एक और बड़ा फैसला लेते हुए सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े अनुबंधित ठेकेदारों को आंशिक राहत देने का निर्णय लिया गया है। वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में आए उछाल के कारण 1 अप्रैल 2026 के बाद डामर (बिटुमिन) की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई थी, जिससे राज्य में चल रहे सड़क निर्माण और संधारण कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका बन गई थी। इसे देखते हुए मंत्रिपरिषद ने 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक की सीमित अवधि के लिए ठेकेदारों को डामर की बढ़ी कीमतों पर आंशिक मूल्य राहत देने का फैसला किया है। यह क्षतिपूर्ति एक तय फार्मूले के आधार पर दी जाएगी, जबकि अन्य निर्माण घटकों पर अनुबंध के पुराने एस्केलेशन नियम ही लागू रहेंगे। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप लिए गए इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को समय पर बेहतर सड़कों का लाभ मिल सके।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, निगमों, मंडलों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्थानीय निकायों में जमा होने वाले स्क्रैप और अनुपयोगी सामानों के पारदर्शी निस्तारण के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार के उपक्रम मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (MSTC) के साथ चल रहे सेलिंग एजेंसी अनुबंध की अवधि को आगामी तीन वर्षों के लिए बढ़ाने पर सहमति दी है। नवंबर 2019 से प्रभावी यह अनुबंध इसी महीने की 31 तारीख को समाप्त हो रहा था। MSTC के अत्याधुनिक ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के खरीदार प्रतिस्पर्धी बोली में हिस्सा ले सकेंगे, जिससे राज्य को स्क्रैप का बेहतर मूल्य और राजस्व प्राप्त होगा। इस व्यवस्था के विस्तार से अब अलग-अलग विभागों को निविदा और विज्ञापन जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे प्रशासनिक समय और संसाधनों की बचत होगी तथा कार्यालयों में स्थान का प्रबंधन भी बेहतर ढंग से हो सकेगा।



