छत्तीसगढ़

1 करोड़ का इनामी, देश का सबसे खूंखार नक्सली कमांडर माडवी हिडमा एनकाउंटर में ढेर, दो पत्नियों समेत 6 नक्सली मारे गए

रायपुर: माओवादी विद्रोह के खिलाफ चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान में सुरक्षा बलों को आज एक ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। ₹1 करोड़ से अधिक के इनामी और देश के सबसे खतरनाक नक्सली नेता माडवी हिडमा को मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के मारेदुमिली इलाके में एक भीषण मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मार गिराया गया है।
मारे गए छह माओवादियों में हिडमा की दो पत्नियों सहित चार अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) भी शामिल हैं। हिडमा प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन नंबर 1 का कमांडर और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का प्रमुख था। उसका मारा जाना देश के नक्सलवाद की कमर तोड़ने जैसा माना जा रहा है।

कैसे चला ऑपरेशन?

आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के त्रि-जंक्शन के पास घने जंगलों में माओवादी गतिविधि की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद, ग्रेहाउंड्स, डीआरजी, और सीआरपीएफ कोबरा यूनिट्स के एक संयुक्त दल ने तड़के करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच एक विशेष अभियान चलाया।

अल्लूरी जिले में हुई यह मुठभेड़ काफी भीषण थी, जिसमें सुरक्षाबलों ने हिडमा और उसके साथियों को घेर लिया। अधिकारियों ने कहा कि मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है, जिनमें हिडमा की पत्नी माडवी हेमा भी शामिल है। यह कामयाबी दक्षिण बस्तर बटालियन के लिए एक बड़ा नुकसान है।

कौन था माडवी हिडमा?

लगभग 45 वर्षीय हिडमा भारत के सबसे वांछित माओवादी नेताओं में से एक था। उस पर केंद्र सरकार ने ₹45 लाख, छत्तीसगढ़ ने ₹25 लाख और अन्य राज्यों ने भी बड़ा इनाम घोषित कर रखा था, जिसका कुल योग ₹1 करोड़ से अधिक था।
हिडमा कई बड़े और नृशंस हमलों का मास्टरमाइंड था, जिसने देश को हिलाकर रख दिया था। इनमें 2010 का ताड़मेटला नरसंहार और 2021 का सुकमा घात शामिल है, जिसमें कुल 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे।
इस एनकाउंटर को सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है और इससे इस क्षेत्र में माओवादी हिंसा में कमी आने की उम्मीद है।

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