गेरसा बांध के क्षतिग्रस्त होने पर प्रशासन सक्रिय: जान-माल की सुरक्षा और किसानों को मुआवजे के निर्देश जारी

अम्बिकापुर: सरगुजा जिले के लुंड्रा तहसील में स्थित गेरसा बांध शनिवार, 6 सितंबर को सुबह करीब 10 बजे क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

तत्काल राहत और सुरक्षा के निर्देश
कलेक्टर भोसकर ने अधिकारियों को तुरंत बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से की बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को सुरक्षित करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभावित गाँवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क करने को कहा, ताकि जान-माल का नुकसान न हो। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिया कि प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कर मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। इसके अलावा, उन्होंने बांध में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया।
नुकसान का आकलन और मरम्मत की योजना
शुरुआती जांच में पता चला है कि बांध के दाहिनी तरफ का लगभग 25-30 मीटर का हिस्सा टूट गया है, जिससे पानी का रिसाव जारी है। कलेक्टर ने कहा कि बांध की तकनीकी जांच कर मरम्मत और सुरक्षा के लिए कंक्रीटिंग और कटिंग के काम की विस्तृत योजना बनाई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी हरसंभव मदद करेगा और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई प्राथमिकता से की जाएगी।
बांध का विवरण
यह बांध 1990 में एक छोटी सिंचाई परियोजना के रूप में बनाया गया था, जिससे लगभग 142 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ और रबी फसलों की सिंचाई होती है। बांध की अधिकतम ऊँचाई 13 मीटर, लंबाई 350 मीटर और इसका जलग्रहण क्षेत्र (कैचमेंट) 1.95 वर्ग किलोमीटर है। इसकी जलभराव क्षमता 0.96 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) है। घटना के समय बांध में 0.97 MCM पानी भरा हुआ था।
निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारी
इस दौरान पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल, एसडीएम जे.यू. शतरंज, राज्य बांध सुरक्षा संगठन रायपुर से मुख्य अभियंता अरुण बाडियें, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता अशोक निरंजन सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


