सूरजपुर

राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र-छात्राएं टीबी मुक्त भारत के लिए सहयोग करेंगे

सूरजपुर । कन्या महाविद्यालय सूरजपुर के तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय शिविर का आयोजन ग्रामपंचायत देवीपुर में हुआ । इस शिविर में प्रत्येक दिवस बौद्धिक चर्चा के लिए अतिथियों को आमंत्रित किया जाता रहा। अन्तिम दिवस में पिरामल फाऊंडेशन छत्तीसगढ़ की सहभागिता हुई।


इस शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि पं.रेवती रमण मिश्र महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.ऐन.दुबे ने कहा कि युवा पीढ़ी परिवर्तन का परिचायक होता है वर्तमान परिदृश्य में नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका है , साथ ही साथ पिरामल संस्था के लोगों ने टीबी मुक्त पंचायत और टीबी मुक्त भारत का जो संदेश इस शिविर में दिया, उस पर पहल करने की जरूरत है। इससे समाज और राष्ट्र दोनों को लाभ है राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े सभी छात्र-छात्राएं टीबी मुक्त भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दे। यह कार्य जनहितकारी है। टीबी मुक्त पंचायत के निर्माण से व्यक्ति और समाज दोनों को फायदा है । पिरामल संस्था के आशीष गुप्ता ने कहा कि व्यक्ति और व्यक्तित्व के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका है। ऐसे आयोजनों में वही सहभागी होता है जिसके अन्तर्मन में समाज सेवा का भाव हो। जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने टीबी और एचआईवी एड्स के विषय में विधिवत जानकारी दिया। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत के लिए शासकीय तंत्रों के साथ सिविल सोसायटी की सहभागिता आवश्यक है। अब राष्ट्रीय सेवा योजना जैसी संस्थाएं इस क्षेत्र में आगें आ रही है तो निश्चित तौर पर टीबी मुक्त भारत का सपना साकार होगा। तीन मिनट में एक व्यक्ति की मौत टीबी विमारी के कारण होता है। पन्चानबे प्रतिशत एड्स रोगी की मौत टीबी विमारी के कारण होता है। एक टीबी पांजेटीव रोगी दस से पंद्रह लोगों को संक्रमित करता है। एमडीआर टीबी रोगी दो सौ से ढ़ाई सौ लोगों को टीबी फैलाता है। इस विभीषिका से समाज को बचाने के लिए युवा शक्ति को आगे आना चाहिए। प्रोफेसर प्रतीमा कश्यप ने युवा पीढ़ी को नशा से दूर रहने का सलाह दिया और नशा मुक्त समाज में निर्माण योगदान देने को कहा। महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार साहू ने कहा की व्यक्ति और व्यक्तित्व की पहचान उसके द्वारा समाज के लिए किये गये कार्यो से होता है। जो समाज के लिए कार्य करता है वही आगे चलकर बड़ा आदमी बनता है। कार्यक्रम की प्रभारी प्रो. पुष्पांजलि भगत ने कहा की कर्तव्यनिष्ठा के साथ किये गये हर कार्य को समाज याद रखता है टीबी मुक्त समाज के निर्माण के लिए हर व्यक्ति को आगें आना चाहिए यह हमारे समाज के प्रति नैतिक मूल्यों को रेखांकित करता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुश्री साक्षी गुप्ता ने कहा की समाज को सही दिशा में अग्रसित करने के लिए युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाना होगा। विकसित भारत से विकासशील भारत बनाने में युवा पीढ़ी को आगे आना होगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. पुनीत गुप्ता, प्रो. दिग्विजय सिंह, रोहित सेठ, सन्मति, प्रो. शिवानी पान्डेय वर्षा यादव का सराहनीय योगदान रहा ।

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