संयंत्र विस्तार की योजना से खाली जमीन पर बालको प्रबंधन का अवैध अतिक्रमण, लोहे की एंगल खड़ी कर टीन की लगा रही दीवार…

विनोद शुक्ला हिंद शिखर न्यूज़ कोरबा. बालको-चेकपोस्ट मार्ग पर रोड किनारे की कई एकड़ खाली जमीन को भविष्य में संयंत्र विस्तार की योजना से बालको कंपनी अतिक्रमण करने लोहे की एंगल खड़ी कर इसे टीन की दीवार से घेरा जा रहा है। यह काम बंगाल की एक ठेका कंपनी को दिया है। कंपनी प्रबंधन की ओर से पहले यह कहा जा रहा था कि असामाजिक तत्वों के प्लांट की बाउंड्रीवॉल तोड़े जाने से मरम्मत का काम कराया जाएगा। लेकिन संयंत्र की बाउंड्रीवाल के आगे की करीब 20 एकड़ खाली जमीन को टीन की दीवार से घेरने में लग गई है।

दीवार के भीतर की जमीन का समतलीकरण कराने के साथ पेड़ों की भी कटाई की जा रही है।मंगलवार को मौके पर पहुंची वन अमले की टीम के अफसरों ने बताया कि जमीन राजस्व विभाग का है। लेकिन पेड़ों की कटाई की सूचना पर जांच करने पहुंचे हैं। ठूंठ के आधार पर काटे गए पेड़ों की गिनती की गई है। एक जानकारी के मुताबिक पेड़ काटने व टीन से दीवार का घेरा उठाने का यह काम बीते कई महीने से धड़ल्ले से जारी है। कई पेड़ों की तो कटाई के बाद बालको प्रबंधन के इशारे पर ठूंठ भी उखाड़ दिए गए हैं। इधर जांच में हुई देरी व प्रशासन की चुप्पी से कई सवाल उठने लगे हैं। जांच करने पहुंची वन अमले ने ठेका मजदूरों का बयान भी दर्ज किया है। मौके पर बालको के अफसर भी पहुंचे। वन अमले की जांच टीम से चर्चा कर लौट गए। उनके जाने के बाद बालको के सुरक्षाकर्मियों ने टीन की उठाई जा रही दीवार के बाहर नो एंट्री का बोर्ड लगा दिया, जो समझ से परे है।जिले में बालको के एल्यूमिनियम व पॉवर प्लांट है। कंपनी प्रबंधन की नदी-नालों में राखड़ छोड़े जाने की मनमानी जगजाहिर है। इस बार प्लांट की बाउंड्रीवाल से आगे खाली जमीन को संयंत्र के दायरे में लाने टीन की दीवार खड़ी किए जाने को लेकर बालको प्रबंधन सुर्खियों में है। बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की जा रही है। संभवत: जिसकी वन विभाग से अनुमति भी नहीं ली गई होगी। इसी वजह से वन अमला की टीम मौके पर जांच करने पहुंची। पहले भी बालको प्रबंधन पर सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जे के आरोप लग चुके हैं।ऐसे में टीन की दीवार से घेरे करीब 20 एकड़ खाली जमीन को संयंत्र विस्तार की मंशा से कब्जे की फिराक में बालको प्रबंधन लगा है इस संभावना पर इनकार नहीं किया जा सकता है। टीन की दीवार से घेरने के काम में लगे मजदूरों ने बताया कि बालको प्रबंधन ने इसका ठेका बंगाल की बीएनआर कंपनी को दिया है, जो यह काम करा रही है। फिलहाल जांच करने पहुंची वन अमले ने काम पर रोक लगा दी है। आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी है।




