लखनपुर बीईओ कार्यालय में केवाईसी के नाम पर शिक्षकों से तीन हजार की वसूली, एबीओ मनोज तिवारी पर गंभीर आरोप, ट्रांसफर के बाद भी जमे रहने पर कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच दल गठित….

लखनपुर । विकासखण्ड शिक्षा कार्यालय लखनपुर में कार्यरत सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार तिवारी पर शिक्षकों ने केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है क्योंकि आरोप है कि उनकी मौन सहमति और संरक्षण के बिना शिक्षकों से खुलेआम वसूली का यह खेल संभव नहीं है। शिक्षकों द्वारा जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार मनोज कुमार तिवारी का स्थानांतरण काफी समय पहले उनके मूल पदस्थापना स्थल माध्यमिक शाला ढोढाकेसरा के लिए हो चुका है और अगस्त 2025 में वहां नियमित अधिकारी की नियुक्ति भी हो गई है लेकिन इसके बावजूद वे अब तक वहां से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं और बीईओ कार्यालय में ही अवैध रूप से जमे हुए हैं।

शिकायत में यह उल्लेख किया गया है कि मनोज कुमार तिवारी स्कूलों का भ्रमण कर शिक्षकों को डराने और धमकाने का काम करते हैं जिससे शासकीय और अशासकीय दोनों प्रकार के विद्यालयों के शिक्षक डरे हुए हैं। सबसे गंभीर आरोप पीएफएमएस खातों के संचालन और केवाईसी वेरिफिकेशन को लेकर लगाया गया है। बताया जा रहा है कि स्कूलों के बैंक खातों के सत्यापन के लिए जब शिक्षक कार्यालय पहुंचते हैं तो विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी की सील लगाने के नाम पर प्रति शिक्षक दो से तीन हजार रुपये की अवैध वसूली की जाती है। जो शिक्षक राशि देने से मना करते हैं उन्हें कैश बुक और अन्य वित्तीय दस्तावेजों में खामियां निकालकर कड़ी कार्रवाई करने का डर दिखाया जाता है जिससे पीड़ित शिक्षक मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
इस पूरे प्रकरण में बीईओ की भूमिका पर इसलिए सवाल उठ रहे हैं क्योंकि नियमों के विपरीत किसी अधिकारी को लंबे समय तक कार्यमुक्त न करना और उन्हें अपने साथ स्कूलों के भ्रमण पर ले जाना कई संदेह पैदा करता है। शिक्षकों का कहना है कि पूर्व में उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी जिससे आरोपी के हौसले और बुलंद हो गए थे। हालांकि अब कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कड़ा रुख अपनाया है और इस पूरे भ्रष्टाचार की सूक्ष्म जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन कर दिया है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत चार सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है जिसमें विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों को शामिल किया गया है। इस टीम में रमेश सिंह प्राचार्य जमगंवा को अध्यक्ष बनाया गया है जबकि अरुण कुमार राय प्राचार्य निम्हा, केएम मैथ्यू प्राचार्य पुहपुटरा और भृगुनाथ प्रसाद प्राचार्य लटोरी को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। इस उच्च स्तरीय जांच दल को तीन दिनों के भीतर सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच शुरू होने से और पीड़ित शिक्षकों को उम्मीद है कि इस बार जांच निष्पक्ष होगी और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।





