पत्थलगांव अग्रवाल सभा के अध्यक्ष ने जशपुर व्यापार संघ द्वारा की गई मांगों का को ठहराया जायज जब सभी दुकान खुल रहे हैं तो दुकान तो फिर कपड़ा बर्तन,ज्वेलरी दुकानों की उपेक्षा क्यों, व्यापार संघ ने की मांग, नियमों का करेंगे पालन हमें भी दी जाए प्रतिष्ठान को शर्तों के अधीन खोलने की अनुमति,

मुकेश अग्रवाल पत्थलगांव
व्यापार संघ जशपुर के द्वारा कलेक्टर जशपुर को ज्ञापन देते हुए मांग की गई है। कि कपड़ा बर्तन और ज्वेलरी सहित जूता चप्पल की दुकानों को भी खोलने की अनुमति दी जाए। संघ ने कहा कि लॉकडाउन में सभी वर्ग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में कुछ निश्चित दुकानों को खोलने की अनुमति दिए जाने से अन्य व्यवसाय उपेक्षित हैं। और उन्हें भारी क्षति हो रही है। जिसमें कपड़ा बर्तन और ज्वेलरी, एवं जूता चप्पल की दुकानें भी शामिल हैं।
आज विभिन्न वर्गों के परेशान व्यापारियो द्वारा कलेक्टर साहब को ज्ञापन सौपा गया। ज्ञापन में कपड़ा, जूता, श्रृंगार, ज्वेलरी इत्यादि दुकानों को कुछ समय के लिए खोलने के लिए निवेदन किया गया । ज्ञापन सौपने में व्यापार संघ के अध्यक्ष डिंपल जैन के साथ अनिल गुप्ता जी(शेरा), विवेक अग्रवाल, अजय गुप्ता, अनिल सावजी, मोहित अग्रवाल, पंकज जैन, रविन्द्र पाठक जी, अंकुर गुप्ता एवं अन्य व्यापारीगण उपस्थित थे। मामले में कलेक्टर द्वारा गंभीरतापूर्वक विचार कर निर्णय लिये जाने का भरोसा दिया गया है।
पत्थलगांव अग्रवाल सभा के अध्यक्ष ब्रहम प्रकाश अग्रवाल ने भी स्थानीय प्रशासन व जिला कलेक्टर से व्यवसाय में छूट देने के लिए प्रशासन से मांग की है। अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन द्वारा कुछ व्यापार को 2:00 बजे तक के लिए छूट प्रदान की गई है। जिसकी हमारे द्वारा स्वागत किया जा रहा है। किंतु इन आदेशों में जिला प्रशासन ने कुछ व्यापार एवं छोटे वर्ग के लोगों को राहत नहीं दी गई है। जिस पर भी प्रशासन को गंभीरता पूर्व विचार करते हुए सीमित समय के लिए छूट प्रदान की जानी चाहिए आज जशपुर व्यापार मंडल ने कलेक्टर से मिलकर जो मांगे की गई है उसे जायज ठहराते हुए इस पर विचार करने का आग्रह किया है। साथ ही सभी दुकानदार शासन के नियम को पूरी तरह जिम्मेदारी जे साथ मानते हुए दुकान दारी करने की भी बात कही गई। इससे बाकी दुकानदारों को भी अपनी आजीविका चलाने में कुछ राहत मिल संकेगी चुकी काफी दिनों से लॉक डाउन के चलते सभी दुकानें बंद है और छोटे दुकानदारो की किराया पटाने से लेकर घर के दवाई एवं अन्य खर्चे को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी बिन्दुओ पे स्थानीय प्रसाशन और जिला प्रशासन को विचार कर कुछ घण्टो के लिए तय नियमो को मानते हुए छूट प्रदान करना चाहिए जिससे छोटे गरीब दुकानदारो की रोजी रोटी चलती रहे।





