रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून के एक बार फिर से सक्रिय होने और झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी रहने के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मौजूदा मौसमी परिस्थितियों और भारी बारिश के अलर्ट के मद्देनजर 26 सितंबर को प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।
नदी-नाले उफान पर, आवागमन बाधित
प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई क्षेत्रों में नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिसके कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और कई ग्रामीण तथा शहरी मार्गों पर आवागमन भी बाधित हुआ है।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए, प्रशासन पहले ही स्थानीय स्तर पर सतर्कता बरत रहा था। इससे पूर्व 25 सितंबर को भी बालोद, धमतरी, बस्तर, सुकमा और बीजापुर जैसे अत्यधिक प्रभावित जिलों में स्थानीय प्रशासन द्वारा स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए थे। अब स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए शासन स्तर पर पूरे प्रदेश के लिए यह अवकाश घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस आपात स्थिति के बीच प्रदेश के अभिभावकों और आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है:
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को घरों के भीतर ही रखें और उन्हें जलभराव वाले क्षेत्रों या उफनते नालों के पास न जाने दें।
लोगों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और अनावश्यक यात्राओं से परहेज करें।






