विद्युत विभाग की लापरवाही: 4 दिन से सड़क पर गिरे खंभे में दौड़ रही बिजली, ऊपर से गुजर रहे वाहन, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

सरगुजा जिले के लखनपुर के विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है जहाँ 04 दिन पूर्व गिरे विद्युत प्रवाहित बिजली खंभे को अब तक नहीं हटाया जा सका है। और खंभों में बिजली का प्रवाह जारी है। जान जोखिम में डालकर ग्रामीण सड़क के बीच गिरे विद्युत प्रवाहित बिजली खंभे के ऊपर से बाइक और ट्रैक्टर वाहन को पार रहे हैं। एक बड़ी घटना होने का इंतजार विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कर रहे हैं। बसाहट के बीच गिरे विद्युत प्रवाहित खंबे के आसपास बच्चे खेलते है कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। दरअसल पूरा मामला लखनपुर के समीप केंवरी ग्राम पंचायत का है जहां कुछ दिन पहले दो विद्युत खंभे गिर गए जिसके बाद 4 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक विद्युत विभाग के कर्मचारियों के द्वारा उक्त खंभे को नहीं हटाया गया है। आपको बता दें कि दोनों खंभे घरों के आसपास ही गिरे हुए हैं जिसके बाद किसी अनहोनी की आशंका लगातार बनी हुई है। ग्रामवासियों का कहना है की कुछ दिनों पहले ही सीसी रोड का कार्य किया गया था जिसके बाद बारिश होने से मिट्टी के खिसकने से दोनों खंभे गिरकर धराशायी हो गए और उनमें फिर भी विद्युत का प्रवाह जारी रहा। ग्रामवासीयो ने विद्युत विभाग के आला अधिकारियों आरोप लगाते हुए कहा कि बार बार उनके द्वारा अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें विद्युत खम्भों के सुधार की बात कही गई परंतु आज 04 दिन बीत जाने के बाद भी न तो खंभों को रास्ते से हटाया गया और न ही विद्युत व्यवस्था को सुधारा गया। इस रास्ते से ग्रामवासियों सहित बच्चे और आसपास के लोग रोज आना जाना करते हैं जिससे लगातार खतरे का अंदेशा बना हुआ है। इस संबंध में सरपंच मनेजर राम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग अधिकारियों से इस मामले में बात की गई है परंतु कर्मचारियों के हड़ताल में चले जाने से खंभों को व्यवस्थित करने कोई पहल नहीं हो पायी है वहीं ग्रामवासी इसे विद्युत विभाग की एक बड़ी लापरवाही मान रहे हैं। एक तरफ़ बिजली के खंभे रोड में हैं तो वही दूसरी तरफ़ इन खम्भो से अभी भी लोगो के घरों में बिजली की सप्लाई जारी है। ग्रामवासी लगातार अब ये माँग कर रहे हैं की उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द खम्भों को व्यवस्थित किया जाये और विद्युत व्यवस्था में सुधार की जाए।
अब देखना ये होगा की कब तक इन खंभों को व्यवस्थित किया जाएगा या फिर कब तक लोग ऐसे है किसी अनजाने खतरे के साये में व्यवस्था सुधार का इंतेजार करते नजर आयेंगे।





