जमशेदपुर के रेस्टोरेंट में अंधाधुंध फायरिंग कर चार लोगों को घायल कर फरार बदमाश अंबिकापुर के मणिपुर थाने के सामने से अर्टिगा कार समेत गिरफ्तार, झारखंड पुलिस को सौंपे गए आरोपी..

अंबिकापुर । झारखंड के जमशेदपुर में स्थित मरीन ड्राइव के उडुपी रेस्टोरेंट में अंधाधुंध फायरिंग कर सनसनी फैलाने वाले चार बदमाशों को सरगुजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धर दबोचा है। आरोपी इस गंभीर वारदात को अंजाम देने के बाद अर्टिगा वाहन से बिलासपुर से अंबिकापुर की ओर भाग रहे थे, जिन्हें मणिपुर थाना क्षेत्र में कड़ी नाकेबंदी कर दबोच लिया गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 26 सितंबर 2026 को जमशेदपुर के थाना सोनारी अंतर्गत मरीन ड्राइव स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में कुछ अपराधियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, इस गंभीर वारदात में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस संबंध में थाना सोनारी में अपराध क्रमांक 80/26, धारा 109, 111(2)(बी), 3(5), 61(2) बी.एन.एस. एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था।
पुलिस की तत्परता और नाकेबंदी:
मामला तब आगे बढ़ा जब 27 सितंबर 2026 की रात अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतापुर, तुल सिंह पट्टावी को सूचना मिली कि कुछ संदेही अर्टिगा वाहन (क्रमांक JH 05 EA 7928) से बिलासपुर की ओर से अंबिकापुर की तरफ भाग रहे हैं। इस महत्वपूर्ण सूचना को तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा, राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने तत्काल सभी थाना और चौकी प्रभारियों, विशेषकर बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग के थानों को कड़ी नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहन और आरोपियों की धरपकड़ के कड़े निर्देश दिए।
सघन चेकिंग के दौरान धरे गए आरोपी:
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मणिपुर, उप निरीक्षक सी.पी. तिवारी और उनकी पुलिस टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए थाना मणिपुर के सामने नाकेबंदी कर सघन चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान संदिग्ध अर्टिगा वाहन को रोककर उसमें सवार 04 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इस सफलता की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई तथा झारखंड पुलिस से भी संपर्क कर जानकारी साझा की गई।
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए चारों आरोपियों की संलिप्तता जमशेदपुर की फायरिंग की घटना में स्पष्ट रूप से पुष्ट हुई। गिरफ्तार आरोपियों के नाम रमेश कुमार शर्मा उर्फ टीटू (उम्र 50 वर्ष, पिता रामजीत शर्मा, निवासी- राउरकेला, थाना राउरकेला, जिला सुंदरगढ़, ओडिशा), मनोज उर्फ भन्दू सरकार (उम्र 53 वर्ष, पिता स्व. जी. सरकार, निवासी- परसुडीह, थाना परसुडीह, जिला पश्चिम सिंहभूम, झारखंड), दीपू ओझा (उम्र 35 वर्ष, पिता हरिशंकर ओझा, निवासी- जमशेदपुर, थाना बिरसानगर, झारखंड) तथा शंकर मुंडा (उम्र 42 वर्ष, पिता स्व. जगबंधु मुंडा, निवासी- सीतारामडेरा, थाना सीतारामडेरा, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड) हैं।
झारखंड पुलिस को सुपुर्दगी:
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के संबंध में झारखंड पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद झारखंड पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की। आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है और उन्हें अपने साथ ले जाया गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मणिपुर उप निरीक्षक सी.पी. तिवारी, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, प्रधान आरक्षक छात्रपाल सिंह, प्रधान आरक्षक रजनीकान्त मिश्रा, प्रधान आरक्षक नरेन्द्र जांगड़े, आरक्षक निरंजन बड़ा, नरेश सिंह, अनिल सिंह, रामशंकर यादव तथा सैनिक ओमप्रकाश दुबे थे।





