हरिनंदन राजवाड़े अपहरण एवं हत्याकांड: निचली अदालत से आरोपियों को राहत मिलने के बाद पुलिस ने रिविजन पिटिशन दाखिल कर 10 आरोपियों को भेजा जेल

सूरजपुर : प्रतापपुर थाना क्षेत्र में अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। निचली अदालत से आरोपियों को राहत मिलने के बाद, बहुचर्चित हरिनंदन राजवाड़े हत्याकांड में पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए रिविजन पिटिशन (पुनरीक्षण याचिका) दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने आदेश बदलते हुए सभी 10 गिरफ्तार आरोपियों को 15 दिनों के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
घटना के संबंध में थाना प्रतापपुर में ग्राम गोंदा निवासी सम्पतिया पति राजेन्द्र सूर्यवंशी ने दिनांक 24.07.2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थिया के अनुसार, 23 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे हरिनन्दन राजवाड़े अपने साथियों के साथ उसके घर आया था। रात करीब 9:00 बजे ग्राम केंवरा के ललित राजवाड़े, सकल राजवाड़े, चंदन कसेरा समेत 10 अन्य लोग 7 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर वहां पहुंचे। आरोपियों ने घर के अंदर घुसकर हरिनन्दन को “बहुत बड़ा गुंडा बनते हो” कहते हुए जान से मारने की धमकी दी और लाठी-डंडों से मारपीट करते हुए उसे जबरन खींचकर अपने साथ ले गए। प्रार्थिया और उसके पति द्वारा विरोध करने पर उनके साथ भी मारपीट की गई। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और प्रार्थिया ने अपने पति के साथ पीछा किया, तो ग्राम भैंसामुड़ा के केंवरा चौक के पास हरिनन्दन को अधमरी हालत में फेंका हुआ पाया गया। प्रतापपुर अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी स्थिति गंभीर बनी रही, और बाद में मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। थाना प्रतापपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विवेचना के दौरान गवाहों के बयान, घटनास्थल का निरीक्षण और अन्य साक्ष्य जुटाए। इसके आधार पर पुलिस ने 27 जुलाई 2026 को मुख्य आरोपी ललित राजवाड़े, सकल प्रसाद, आशुतोष राजवाड़े, शिवम कुमार राजवाड़े, रजय गुप्ता, भुनेश्वर प्रसाद राजवाड़े, सुनील राजवाड़े, शिव कुमार राजवाड़े, राजू उर्फ सतीश राजवाड़े और मनोज कुमार राजवाड़े को धर दबोचा। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रार्थिया द्वारा आरोपियों की शिनाख्ती भी कराई गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया, जिनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 3 डंडे और 4 मोटरसाइकिलें जप्त की गईं।
प्रारंभिक चरण में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय प्रतापपुर में न्यायिक रिमांड पर भेजने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया था और आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा कर दिया गया था।
निचली अदालत के इस आदेश के बाद थाना प्रतापपुर पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में तुरंत कदम उठाते हुए माननीय जिला व अपर सत्र न्यायाधीश प्रतापपुर के न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका (रिविजन पिटिशन) दाखिल की। सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने पुलिस की याचिका को स्वीकार कर लिया और पूर्व में दिए गए रिमांड खारिज करने के आदेश को निरस्त कर दिया। इस कानूनी सफलता के बाद प्रतापपुर पुलिस ने दिनांक 06.08.2026 को पुनः आरोपियों के रिमांड हेतु प्रतिवेदन पेश किया, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने सभी 10 आरोपियों को दिनांक 20.08.2026 तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सनसनीखेज वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है और उन्हें भी जल्द ही कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।


