बाल संप्रेषण गृह से बार-बार अपचारी बालकों के भागने पर बड़ा एक्शन: कलेक्टर एवं एसपी ने किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा में लापरवाही पर अधीक्षक निलंबित

अंबिकापुर में प्लेस ऑफ सेफ्टी और बाल संप्रेषण गृह से अपचारी बालकों के बार-बार फरार होने की घटनाओं को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को कलेक्टर अजीत वसंत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजेश अग्रवाल ने शासकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी संस्था (बालक) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक और गंभीर लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए संस्था के अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री वसंत ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिए कि भवन की खिड़कियों के आकार को सुरक्षा की दृष्टि से छोटा किया जाए। इसके साथ ही चारदीवारी के ऊपरी हिस्से पर लगी ग्रिल को और अधिक मजबूत बनाने तथा भवन का बारीकी से मुआयना कर सभी आवश्यक सुरक्षा संबंधी कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने संस्था में निवासरत बालकों की मानसिक स्थिति का आकलन कर आवश्यकतानुसार मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो बच्चे आदतन बार-बार संप्रेक्षण गृह से भाग रहे हैं, उन्हें अन्य जिलों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए।
वहीं, एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल ने संस्था में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का नियमित ऑडिट कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा, प्लेस ऑफ सेफ्टी बालक और बाल संप्रेक्षण गृह बालक—दोनों ही संस्थाओं का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने पर जोर दिया गया। प्लेस ऑफ सेफ्टी का निरीक्षण करने के बाद कलेक्टर और एसएसपी ने संयुक्त रूप से बाल संप्रेक्षण गृह (बालक) का भी दौरा किया। वहां भवन की स्थिति का जायजा लेने के बाद ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता को तत्काल मरम्मत एवं निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन के इस सख्त एक्शन से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है।





