अम्बिकापुर

ऑनलाइन गेम के नाम पर तैंतीस लाख का संदिग्ध लेन-देन करने वाला म्यूल खाताधारक गिरफ्तार

सरगुजा जिले में साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल खातों के खिलाफ पुलिस ने एक सख्त कार्रवाई की है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के दिशा-निर्देश पर थाना गांधीनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ऐसे म्यूल अकाउंट खाताधारक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके खाते से ऑनलाइन साइबर ठगी की रकम आहरित की गई थी। इस खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों जैसे गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और तमिलनाडु से साइबर पुलिस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायतें दर्ज थीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
यह पूरा मामला पुलिस मुख्यालय तकनीकी सेवाएं नवा रायपुर के निर्देशों के बाद सामने आया, जिसमें म्यूल अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की सूची प्राप्त हुई थी। इस सूची के आधार पर जब आईडीबीआई बैंक के एक खाता क्रमांक का बैंक स्टेटमेंट और केवाईसी दस्तावेज खंगाले गए, तो वह खाता लक्ष्मण नागेश, पिता भगलू राम, निवासी गुजरवार, अम्बिकापुर के नाम पर दर्ज पाया गया। जांच में पता चला कि इस विशेष खाते में देश के अलग-अलग राज्यों से दर्ज शिकायतों के आधार पर कुल पांच लाख तिहत्तर हजार नौ सौ निन्यानबे रुपये प्राप्त किए गए थे। इसके बाद थाना गांधीनगर में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध क्रमांक दो सौ अड़तालीस बटे दो हजार छब्बीस दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया।
पुलिस द्वारा की गई गहन जांच और बैंक स्टेटमेंट के बारीक अवलोकन से एक और बड़ा खुलासा हुआ। इस खाते में वर्ष दो हजार चौबीस में सितंबर से अक्टूबर के बीच मात्र कुछ ही दिनों के भीतर कुल तैंतीस लाख पन्द्रह हजार दस रुपये भी जमा हुए थे, जिन्हें लगातार अन्य अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया था। इस भारी-भरकम और संदिग्ध लेन-देन के संबंध में जब खाताधारक लक्ष्मण नागेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने ऑनलाइन गेम में रुपयों के लेन-देन के नाम पर एक अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आकर अपना खाता खुलवाया था। आरोपी ने मुनाफे में हिस्सेदारी के लालच में आईडीबीआई बैंक शाखा अम्बिकापुर के अपने खाते की पासबुक, एटीएम कार्ड और संबंधित सिम कार्ड उस व्यक्ति को सौंप दिए थे, जिसके बदले में उसे दस हजार रुपये नगद मिले थे।
आरोपी के इस बयान और मेमोरेण्डम के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल और सिम कार्ड को गवाहों के समक्ष जब्त कर लिया है। अपराध के पुख्ता सबूत मिलने के बाद आरोपी लक्ष्मण नागेश को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस पूरी महत्वपूर्ण और त्वरित कार्रवाई में थाना गांधीनगर के थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उपनिरीक्षक दिलीप दुबे, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, रिषभ सिंह और अमृत सिंह की मुख्य भूमिका रही।

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