अंबिकापुर: कल्याण ज्वेलर्स की ‘मासिक धनलक्ष्मी योजना’ के नाम पर शोरूम के कर्मचारी ने ही की लाखों की ठगी, रायपुर से गिरफ्तार

अंबिकापुर / सरगुजा जिले में ठगी और धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला प्रतिष्ठित ज्वेलरी संस्थान ‘कल्याण ज्वेलर्स’ की निवेश योजना से जुड़ा है, जहाँ एक कर्मचारी ने ही संस्थान के नाम का सहारा लेकर एक ग्राहक के साथ लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। इस मामले में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के कड़े रुख के बाद गांधीनगर पुलिस ने मुख्य आरोपी को राजधानी रायपुर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक प्रार्थी अविनाश कुमार कल्याणपुर, वर्तमान निवासी मिशन चौक ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी के अनुसार, वह जुलाई 2025 में बनारस रोड स्थित कल्याण ज्वेलर्स के शोरूम में स्वर्ण स्कीम की जानकारी लेने गया था। वहाँ कार्यरत कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी और उसके अन्य साथियों ने उसे ‘कल्याण धनलक्ष्मी स्कीम’ के बारे में विस्तार से बताया।
आरोपियों ने प्रार्थी को झांसा दिया कि यदि वह प्रतिमाह नगद राशि जमा करता है, तो जमा की गई राशि के दिन के सोने के भाव के अनुसार उसके नाम पर सोना सुरक्षित रहेगा। प्रार्थी ने उनकी बातों पर विश्वास कर 5000 रुपये मासिक निवेश का खाता खुलवा लिया।
आरोपी राजेश तिवारी लगातार प्रार्थी के संपर्क में रहा और उसे अतिरिक्त लाभ का लालच देने लगा। ठगी की शुरुआत 21 अक्टूबर 2025 को हुई, जब आरोपी ने प्रार्थी से 30 हजार रुपये एक क्यूआर कोड के माध्यम से जमा करवाए और महज 10 दिनों में उसे 40 हजार रुपये वापस दिलाकर उसका भरोसा जीत लिया।
इसी भरोसे की आड़ में आरोपी ने 11 नवंबर 2025 से 22 दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 7,59,000 रुपये निवेश के नाम पर जमा करवा लिए। शातिर आरोपी ने यह राशि शोरूम के आधिकारिक खाते के बजाय अपने निजी साथियों के बैंक खातों और क्यूआर कोड पर मंगवाई थी। जब प्रार्थी ने अपना पैसा वापस माँगा, तो उसे केवल 1,87,000 रुपये ही लौटाए गए। बाकी के 5,72,000 रुपये हड़प लिए गए। शोरूम जाने पर वहाँ के प्रबंधन ने भी राजेश तिवारी की अनुपस्थिति का हवाला देकर मामले से पल्ला झाड़ लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल ने गांधीनगर पुलिस को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और व्हाट्सएप चैट के तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, जिससे आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी राजेश कुमार तिवारी (पिता लक्षमन तिवारी, उम्र 28 वर्ष, निवासी तेन्दुपारा, राधापुर, थाना सीतापुर) को रायपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया ‘वन प्लस’ कंपनी का मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी:
पुलिस ने बताया कि इस ठगी के खेल में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी के साथ आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह, घनश्याम देवांगन और मोतीलाल केरकेट्टा की विशेष भूमिका रही।




