अंबिकापुर: मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा दुकान में भीषण आग के बाद जर्जर हुए भवन को 24 घंटे के भीतर ढहाने का नोटिस जारी

अंबिकापुर नगर निगम ने ब्रह्मपारा क्षेत्र में राम मंदिर के पास स्थित व्यावसायिक परिसर में हुई भीषण आगजनी के बाद एक बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा दुकान और गोदाम वाले इस भवन को पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया है। छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 310 के तहत जारी इस आदेश में भवन स्वामी मुकेश अग्रवाल को निर्देशित किया गया है कि वे इस खतरनाक ढांचे को तत्काल प्रभाव से हटा लें। यह कार्रवाई 23 अप्रैल को दुकान और गोदाम में लगी उस विनाशकारी आग के बाद की गई है, जिसने पूरी इमारत की नींव हिला दी थी।
विस्तृत विवरण के अनुसार, 23 अप्रैल को ब्रह्मपारा स्थित मुकेश प्लास्टिक और पटाखा दुकान में लगी भीषण आग के कारण उत्पन्न हुए अत्यधिक ताप और दबाव ने भवन के स्ट्रक्चर को बुरी तरह प्रभावित किया है। तकनीकी मुआयने में यह बात सामने आई है कि आग की तपिश से भवन के मुख्य कॉलम और बीम के भीतर लगा स्टील अपनी मजबूती खो चुका है और काफी कमजोर हो गया है। इस कारण भवन का एक बड़ा हिस्सा एक तरफ झुक गया है, जिससे इसके किसी भी समय ढहने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने माना है कि यह भवन अब सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है और इससे जन-धन की भारी हानि होने की संभावना है।

नगर पालिक निगम अंबिकापुर के आयुक्त ने नोटिस के माध्यम से भवन स्वामी को स्पष्ट चेतावनी दी है कि सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर इस असुरक्षित और अनुपयुक्त भवन को सुरक्षित तरीके से हटा लिया जाए। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि तय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो नगर निगम अपनी टीम भेजकर खुद भवन को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। ऐसी स्थिति में ध्वस्तीकरण के दौरान आने वाला पूरा खर्च और उसकी वसूली भवन स्वामी से ही की जाएगी। वर्तमान में ब्रह्मपारा और राम मंदिर के आसपास के इस इलाके में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।




