साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह (9 वर्ष) और बाबा फतेह सिंह (7 वर्ष) की शहादत युगों तक देगी प्रेरणा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीर बाल रैली को दिखाई हरी झंडी

रायपुर। बलिदान और कर्तव्य के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। छोटी सी उम्र में साहिबजादों ने वीरता और गौरव की जो मिसाल पेश की, वह युगों तक प्रेरणा देती रहेगी। यह विचार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली के दौरान व्यक्त किए। विष्णुदेव साय ने राजधानी के मरीन ड्राइव से इस भव्य रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड और एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लिया।
रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों और प्रेरणादायी झांकियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विष्णुदेव साय ने कहा कि 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में हम गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों— बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 और 7 वर्ष की अल्पायु में इन नन्हे साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस और आस्था का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में विरला है।
मुख्यमंत्री ने साहिबजादों की दृढ़ता का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी वे किसी दबाव के आगे नहीं झुके और धर्म व सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल की सराहना की और कहा कि इससे युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है। गुरु गोबिंद सिंह की पंक्तियों “सवा लाख से एक लड़ाऊँ” का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह साहस और संकल्प का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता और राष्ट्रप्रथम की भावना सिखाता है। छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों को साझा किया। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


