जादू-टोना के संदेह में परिवार पर हमला, दो घायल अंबिकापुर रेफर, पुलिस अधीक्षक ने लोगों से की अंधविश्वास से दूर रहने की अपील

जशपुर। जशपुर जिले के चौकी कोतबा थाना क्षेत्र के ग्राम लकरामुड़ा में जादू-टोना के संदेह में एक परिवार पर हमला करने के आरोप में दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
यह घटना 26 जुलाई 2025 को हुई थी। पीड़ित ओम प्रकाश सोनी ने पुलिस को बताया कि शाम करीब 8 बजे उनके पड़ोसी बलिचंद्र डहरे ने उन पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया, जिससे उनके बच्चे की मौत हो गई। जब ओम प्रकाश ने इसका विरोध किया, तो बलिचंद्र ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
इसके कुछ देर बाद, रात 8:30 बजे, बलिचंद्र डहरे अपने परिवार के सदस्यों, सूरज डहरे, माधुरी डहरे, सदानंद डहरे, शांति डहरे और सुदर्शन डहरे के साथ, जबरन ओम प्रकाश के घर में घुस गए। उन्होंने ओम प्रकाश को घसीटकर घर के बाहर आंगन में लाकर, कुल्हाड़ी और ईंट से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में ओम प्रकाश के सिर और आंख में चोटें आईं।
हमले के दौरान ओम प्रकाश के माता-पिता पर भी हमला किया गया, जिससे उनके पिता के सिर में गंभीर चोट लगी और उनकी माता के चेहरे और हाथ में भी चोटें आईं। दोनों को इलाज के लिए अंबिकापुर अस्पताल भेजा गया है।
ओम प्रकाश की शिकायत पर चौकी कोतबा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2), 190, 191 और छत्तीसगढ़ टोन्ही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 05 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों, बलिचंद्र डहरे, सुदर्शन डहरे, माधुरी डहरे और शांति बाई डहरे को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में फरार दो आरोपियों की तलाश जारी है।
इस मामले में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, सहायक उप निरीक्षक अपलेजर खेस, आरक्षक बूटा सिंह, पवन पैंकरा, सुशील तिर्की और महिला आरक्षक तुलसी कोसले की अहम भूमिका रही।
जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा, “टोन्ही प्रताड़ना एक अंधविश्वास है। इससे बचें और खुद को और अपने परिवार को भी शिक्षित करें।”





