कोरोना का सकारात्मक प्रभावः- दसवीं कक्षा में 32 बार हुए फेल….कोरोना ने इस बार पास करा दिया

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हैदराबाद के मोहम्मद नुरुद्दीन (51) लगातार पिछले 32 सालों से दसवी पास करने में जुटे थे। हर साल वह परीक्षा देते है। लेकिन अंग्रेजी का विषय उन्हे पास नहीं होने देता। लेकिन इस बार वह कोरोना की वजह से पास हो गए।
दरअसल, तेलंगाना सरकार ने 10वीं कक्षा के सभी छात्रों को प्रमोट करने का फैसला लिया और नूरुद्दीन की किस्मत खुल गई। आखिरकार वह 51 साल की उम्र में 10वीं पास हो ही गए। नुरुद्दीन ने पहली बार 1987 में 10वीं की परीक्षा दी थी। पास होने पर नूरुद्दीन ने तेलंगाना सरकार का दिल से शुक्रिया अदा किया है।

वे कहते हैं कि मैं 1987 से परीक्षा दे रहा हूं, परंतु मैं अंग्रेजी में कमजोर हूं, इसलिए मैं पास नहीं हो पाया था। मैंने इस साल परीक्षा पास कर ली है क्योंकि सरकार ने कोविड19 के कारण छूट दी है। अंग्रेजी में फेल होने के कारण उन्होंने इस साल ओपन एग्जाम देने का भी फैसला किया। उन्होंने इसके लिए तीन हजार रुपये की फीस भी भरी।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते सरकार छात्रों का जीवन खतरे में डाल परीक्षा नहीं लेना चाहती है। ऐसे में कई राज्यों के बोर्डों ने फैसला किया इस बार किसी को फेल नहीं किया जाएगा। और सीधे ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा।

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